बिहार में बिजली व्यवस्था होगी और मजबूत, अब मुख्यमंत्री कार्यालय से होगी गुणवत्ता और सेवाओं की नियमित निगरानी
मुख्यमंत्री कार्यालय अब बिजली की गुणवत्ता और सेवाओं की नियमित निगरानी करेगा। 'इज ऑफ लिविंग' के तहत अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। बिहार राज्य विद ...और पढ़ें
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प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)
राज्य ब्यूरो, पटना। बिजली की गुणवत्ता और इससे जुड़ी सेवाओं की मॉनीटरिंग अब नियमित रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर पर होगी। इससे संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही इज ऑफ लिविंग के तहत सुनिश्चित करने की योजना पर काम आगे बढ़ा है।
नियामक आयोग द्वारा बिजली से जुड़ी सेवाओं को केंद्र में रखा जाएगा
बिहार राज्य विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली से जुड़ी कई सेवाओं के लिए यह तय किया हुआ है कि वह कितने समय के भीतर उपभोक्ता को उपलब्ध होगी। इसके तहत बिजली कनेक्शन कितने दिन में मिल जाना है, उपभोक्ताओं द्वारा बिजली बिल से जुड़ी शिकायत का निवारण, नए पोल की मांग व अन्य सेवाएं संबंधित है।
इज ऑफ लिविंग के तहत यह मॉनीटर किया जाना है कि इन सेवाओं को उपलब्ध कराए जाने की जो अवधि है उस हिसाब से यह मिल रही या नहीं। इस तरह की सेवाओं की मांग ऑनलाइन मोड में आती है। मॉनीटरिंग में लगी टीम यह देखेगी कि किस वजह से इन सेवाओं को समय पर उपलब्ध नहीं कराया गया। अगर सेवाओं की उपलब्धता में लापरवाही की बात सामने आएगी तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
गुणवत्तापूर्ण बिजली की मॉनीटरिंग भी नियमित रूप से
मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर पर इज आफ लिविंग के तहत गुणवत्तापूर्ण बिजली की आपूर्ति एक महत्वपूर्ण विषय है। इसके माध्यम से यह देखा जाना है कि बिजली की आपूर्ति निर्बाध रही या नहीं। वोल्टेज से जुड़ी समस्या कहीं दिख रही या नहीं। बिजली से जुड़ी शिकायतें जब आयी तो उसका फालोअप कितनी देर में हुआ।
बिजली कंपनी के संबंधित अधिकारियों ने बताया कि इन सब विषयों से संबंधित सूचनाएं बिजली कंपनी के पास ऑनलाइन मोड में उपलब्ध है। यह डैशबोर्ड के माध्यम से मॉनीटरिंग में लगी टीम भी साझा कर सकेगी। इस क्रम में यह भी देखा जाएगा कि पावर सब स्टेशन पर जरूरत के हिसाब से कर्मियों की उपलब्धता है या नहीं।

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