Bihar News: बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं पर भड़के कांग्रेस नेता, कहा- 'हत्यारी सरकार' गरीबों की मौत का जश्न मना रही
कैग रिपोर्ट में वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2021-22 तक बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 69790.83 करोड़ के बजट का प्रावधान किया। इसमें से बिहार सरकार केवल 48047.79 करोड़ रुपये ही खर्च कर पाई वहीं 21743 करोड़ रुपये खर्च नहीं हुए। बिहार में एक ओर स्वास्थ्य स्वाओं का आभाव है और दूसरी तरफ सरकार पैसे खर्च नहीं कर पा रही जिसे लेकर विपक्ष ने निशाना साधा है।

राज्य ब्यूरो, पटना। प्रदेश कांग्रेस ने गुरुवार को विधानमंडल में पेश सीएजी रिपोर्ट को लेकर सरकार के कामकाज पर उंगली उठाई है। कांग्रेस ने कहा कि सीएजी की रिपोर्ट प्रमाणित करती है कि बिहार की एनडीए सरकार संवेदनहीन हो चुकी है। वहीं राजद प्रवक्ता ने भी नीतीश सरकार पर निशाना साधा है।
CAG Report में सामने आई ये जानकारी
कैग के रिपोर्ट में वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2021-22 के आंकड़ें साझा किए गए हैं, जिसमें बताया गया कि बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 2016-17 से 2021-22 तक 69790.83 करोड़ के बजट का प्रावधान किया। इसमें से विभाग केवल 48047.79 करोड़ रुपये ही खर्च कर पाया। 21743 करोड़ रुपये खर्च नहीं हुए।
एक ओर बिहार सरकार पैसे नहीं खर्च कर पाई, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का आभाव है। यहां तक की डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की भी संख्या कम है, जिसकी वजह से अब विपक्ष प्रदेश सरकार पर हमलावर है।
गरीबों की मौत का जश्न मना रही सरकार
कांग्रेस प्रवक्ता ज्ञान रंजन और शिशिर कौंडिल्य ने अलग-अलग बयान जारी कर कहा कि सीजीएस रिपोर्ट बताती है कि बिहार में डॉक्टरों के आधे पद खाली हैं। पैरामेडिकल स्टाफ भी कम हैं।
अस्पतालों में जरूरी दवाइयां तक उपलब्ध नहीं हैं। विभाग की लापरवाहियों की वजह से अस्पतालों में जांच के लिए लगाई गई मशीनें बर्बाद हो रही हैं। राज्य में रोजाना इलाज के अभाव में कई लोगों की मौत हो रही है और हत्यारी सरकार गरीबों की मौत का जश्न मना रही है।
कांग्रेस पार्टी की मांग है कि बिहार सरकार यह बताए कि राज्य का स्वास्थ्य विभाग आखिर किन वजहों से तकरीबन 21.800 करोड़ रुपये खर्च नहीं कर पाया। वहीं किसानों को लेकर भी दोनों नेताओं ने सरकार पर हमला बोला और कहा कि इस सरकार ने किसानों के साथ भी बड़ा धोखा किया है। भ्रष्ट बिहार सरकार ने किसानों को जो बीज दिया है उनमें 80 प्रतिशत बीज बेकार हैं।
राजद ने भी साधा निशाना
राजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद का आरोप है कि सरकार के गंभीर नहीं होने के कारण बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे है। शुक्रवार को बयान जारी कर उन्होंने कहा कि कैग की रिपोर्ट ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। मरीजों को दवाइयां नहीं मिल रहीं। अस्पतालों में जांच व चिकित्सा के उपकरण नहीं हैं, भवन जर्जर हैं। अब तो डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति नहीं की जा रही।
विडंबना यह है कि 21743 करोड़ रुपये स्वास्थ्य विभाग ने खर्च ही नहीं किए। इस कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। इस तरह की स्थिति और परिस्थितियों का निर्माण करने वाली नीतीश सरकार मात्र जुमलेबाजी और भ्रम की राजनीति करती है। इसी कारण नीति आयोग ने भी बिहार को स्वास्थ्य, शिक्षा व दूसरी व्यवस्थाओं में फिसड्डी बताया है।
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