Bihar Agriculture Scheme: फसल अवशेष प्रबंधन के लिए मशीन खरीदने पर बड़ी सब्सिडी देगा कृषि विभाग, होगा लाभ ही लाभ
Bihar Agriculture Scheme सरकार ने खेतों में फसल अवशेष नहीं जलाने व किसानों जागरूक करने के लिए चौथे कृषि रोड मैप के तहत कई प्रविधान किए हैं। इसमें सबसे अहम यह है कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि यंत्रों पर 75 से 80 प्रतिशत तक अनुदान कृषि विभाग देगा। यह पहल फसल अवशेष को खेतों में जलाने से मिट्टी खराब होने बचाने के लिए की गई है।

राज्य ब्यूरो, पटना। सरकार ने खेतों में फसल अवशेष नहीं जलाने व किसानों जागरूक करने के लिए चौथे कृषि रोड मैप के तहत कई प्रविधान किए हैं। इसमें सबसे अहम यह है कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि यंत्रों पर 75 से 80 प्रतिशत तक अनुदान कृषि विभाग देगा।
यह पहल फसल अवशेष को खेतों में जलाने से मिट्टी खराब होने बचाने के लिए की गई है। साथ ही, मिट्टी का तापमान बढ़ने के कारण मिट्टी में उपलब्ध सूक्ष्म जीवाणु, केंचुआ आदि मर जाते हैं।
अवशेष जलाने से फसलों का घटता है उत्पादन
इनके मिट्टी में रहने से ही मिट्टी जीवंत कहलाती है। फसल अवशेषों को जलाने से जमीन में उपलब्ध जरूरी पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं, मिट्टी में नाइट्रोजन की कमी हो जाती है, जिसके कारण फसलों का उत्पादन घटता है।
कृषि सचिव संजय अग्रवाल ने बताया कि मजदूरों के अभाव में एवं अगली फसल लगाने की जल्दी में किसान फसल अवशेषों को खेतों में ही जला देते हैं।
होता है इतना प्रदूषण
ऐसे में एक टन फसल अवशेष को जलाने से लगभग 60 किलो कार्बन मोनोऑक्साईड, 1,460 किलोग्राम कार्बन डाईआक्साईड तथा 2 किलोग्राम सल्फर डाईऑक्साईड गैस निकलकर वातावरण में फैलता है, जिससे पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचता है।
इसे ध्यान में रखते हुए सभी कृषि महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के विज्ञानियों को भी इस संबंध में किसानों को प्रशिक्षित करने एवं इसके कुप्रभाव के बारे में जानकारी देने का भी निर्देश दिया गया है।
इसी क्रम में फसल अवशेष को प्रबंधन से संबंधित कृषि यंत्रों जैसे हैप्पी सीडर, रोटरी मल्चर, स्ट्रा बेलर, सुपर सीडर, स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम, रोटरी सलेशर, जीरो टिलेज/सीड-कम-फर्टिलाईजर, पैडी स्टाचौपर, आदि यंत्रों पर 75 से 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।