बापू परीक्षा परिसर पटना: 11384 छात्र एक साथ दे सकेंगे हाइब्रिड एग्जाम, CCTV-जैमर से नकल पर लगेगा विराम
पटना के बापू परीक्षा परिसर में अब 11,384 परीक्षार्थी एक साथ ऑनलाइन और ऑफलाइन परीक्षा दे सकते हैं। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर न ...और पढ़ें

बापू परीक्षा परिसर। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) के 'बापू परीक्षा परिसर' कुम्हरार में अब एक साथ 11 हजार 384 परीक्षार्थी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। परिसर के ए व बी ब्लाक में ऑफलाइन तथा सी ब्लाक में ऑनलाइन मोड में परीक्षा आयोजित की जा सकती है।
सी ब्लाक में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से एक ही डेस्क पर आवश्यकतानुसार परीक्षा कराई जा सकती है। वहीं, ए और बी ब्लाक को भी हाइब्रिड (ऑफलाइन व ऑनलाइन) मोड में विकसित किया जाएगा।
परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने शनिवार को बापू परीक्षा परिसर में प्रेसवार्ता आयोजित कर बताया कि सी ब्लाक में तीन हजार सीटें निर्धारित हैं। ए और बी ब्लाक की क्षमता 8,500 परीक्षार्थियों की है। सी ब्लाक मिलाकर कुल 11, 384 परीक्षार्थी बापू परीक्षा परिसर में परीक्षा एक साथ दे सकते हैं।
इस परीक्षा केंद्र में एस्केलेटर (स्वचालित सिढ़ी) की सुविधाएं हैं। सुरक्षा कर्मियों के साथ इस परिसर में जांच के लिए हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर और बैग स्कैनर जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं का भी उपयोग किया जाता है।
राज्य के सभी प्रमंडल में भी अत्याधुनिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सितंबर से अभी तक सभी केंद्रों में सिर्फ ऑनलाइन माध्यम से 24 लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए हैं।
बापू परीक्षा परिसर में व्यवस्था
- बापू परीक्षा परिसर में परीक्षार्थियों के लिए ए, बी, सी ब्लाक में अलग-अलग जगहों पर कुल 24 एस्केलेटर की सुविधा है।
- सभी परीक्षार्थियों एवं इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन निगरानी की जाती है, जिसमें 944 सीसीटीवी कैमरे हैं।
- यहां जैमर की भी व्यवस्था है।
- परीक्षार्थियों और कर्मियों की जांच के लिए हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, बैग स्कैनर के अलावा महिलाओं की जांच के लिए कैनोपी की व्यवस्था है।
- परीक्षार्थियों के लिए तीन ब्लाक में नौ बड़े लिफ्ट हैं।
- दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए व्हील चेयर की व्यवस्था प्रत्येक तल पर।
- शौचालय की व्यवस्था प्रत्येक तल पर
- सीसीटीवी कैमरे के अलावा पुलिस बल में 28 पुरुष और 28 महिला पुलिस सुरक्षा के लिए बैरक की व्यवस्था
- पदाधिकारियों व कर्मियों के रहने के लिए 12 आवासीय क्वार्टर
- बिजली की आपूर्ति के लिए इलेिक्ट्रक सब स्टेशन
- प्रत्येक तल पर शुद्ध पेय जल की व्यवस्था, आरओ सिस्टम लगा हुआ है।
25 हजार वर्ग फीट में बन रही मल्टी लेवल पार्किंग
बापू परीक्षा परिसर के बगल में गाड़ियों की सुलभ पार्किंग के लिए कुम्हरार स्थित धनुकी मोड़ के पास लगभ 25 हजार वर्ग फीट जगह चिह्नित की गई है। इसमें बिहार बोर्ड द्वारा मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण भवन निर्माण विभाग के माध्यम से 38.60 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा।
मल्टी लेवल पार्किंग के निर्माण से पहले पार्किंग के लिए चिह्नित स्थल में बापू परीक्षा परिसर में आने वाली गाड़ियों की पार्किंग की जा सकेगी। मल्टी लेवल पार्किंग में बेसमेंट के साथ ग्राउंड फ्लोर के अतिरिक्त तीन तल पार्किंग के लिए उपलब्ध रहेंगे। इसमें दोपहिया वाहन और कार एक साथ पार्किंग की जा सकेगी। इस पार्किंग में सेंसर के साथ अग्निशमन सुरक्षा की व्यवस्था रहेगी।
धनुकी मोड़ के पास बनेगा फुट ओवर ब्रिज
धनुकी मोड़ क पास बन रही मल्टी लेवल पार्किंग से बापू परीक्षा परिसर तक आने के लिए फुट ओवर ब्रिज का निर्माण किया जा सकेगा। परीक्षार्थी या अभिभावक यहां गाड़ी पार्क कर फुट ओवर ब्रिज से आसानी से बापू परीक्षा परिसर में आ सकेंगे। ब्रिज का निर्माण पथ निर्माण के माध्यम से किया जाएगा।
इसके निर्माण पर 4.46 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जिसे एजेंसी के चयन के बाद 6 माह में पूरा करने का लक्ष्य है। इससे होगा कि मल्टी लेवल पार्किंग में गाड़ी पार्क करने के बाद परीक्षार्थी या अन्य को व्यस्त सड़क पार करने में परेशानी नहीं होगी।
टावर पर अंकित सात सामाजिक पापकर्म
बापू परीक्षा परिसर में बने टावर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सात सामाजिक पापकर्म अंकित है। इस टावर को आकर्षक बनाया गया है। इस पर बड़ी घड़ी समय देखने के लिए लगाई गई है, जिसमें चारों तरफ से महात्मा गांधी के सात सामाजिक पापकर्म को पढ़ा जा सकता है और समय भी देखा जा सकता है।
सात सामाजिक पापकर्म में सिद्धांत के बिना राजनीति, काम के बिना धन, विवेक के बिना सुख, चरित्र के बिना ज्ञान, नैतिकता के बिना व्यापार, मानवता के बिना विज्ञान व त्याग के बिना बिना पूजा शामिल हैं।

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