विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

संसदीय क्षेत्र-मंत्रालय के बाद Pashupati Paras के कार्यालय पर भी Chirag का कब्जा, पिछले महीने ही कर दिया था खेल

Published: Tue, 09 Jul 2024 07:43 PM (IST)

Bihar Politics News बिहार में चाचा-भतीजे की लड़ाई अब एक अलग मोड़ पर चली गई है। रामविलास पासवान की मौत ...और पढ़ें

Bihar Politics: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान। (फाइल फोटो)
Bihar Politics: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. वर्ष 2003 में हुई थी लोजपा की स्थापना
  2. रामविलास के निधन के बाद टूटी लोजपा

राज्य ब्यूरो, पटना। पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस के हाथ से लोजपा से जुड़ी हरेक पहचान निकल कर भतीजा चिराग पासवान के हिस्से में जा रही है।

राज्य सरकार ने मंगलवार को एक व्हीलर रोड (शहीद पीर अली खान मार्ग) स्थित लोजपा के कार्यालय को केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की अगुआई वाली लोजपा (रा) को आवंटित कर दिया। लोजपा की स्थापना 2003 में हुई।

LJP के बंटवारे के बाद पशुपत‍ि के पास था कार्यालय

2006 में भवन निर्माण एवं आवास विभाग ने इस कार्यालय का आवंटन लोजपा के नाम किया था। तब से यह कार्यालय लोजपा के पास ही था। लोजपा दो हिस्से में बंटी। विभाजन के बाद यह पशुपति कुमार पारस के नेतृत्व वाले रालोजपा के कब्जे में रहा।

2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए ने लोजपा (रा) के साथ गठबंधन किया, उसे लोकसभा की पांच सीटें दी गईं। सब पर जीत हासि‍ल हुई। इसका बड़ा असर यह हो गया कि चिराग पासवान केंद्र में खाद्य प्रसंस्करण मंत्री बन गए। यह विभाग पहले पशुपति कुमार पारस के पास था।

पिछले महीने की 13 तारीख को भवन निर्माण विभाग ने लोजपा के कार्यालय का आवंटन रद्द कर दिया। उस समय तक कार्यालय पर रालोजपा का कब्जा था। बुधवार को यह कार्यालय भी चिराग की पार्टी को दे दिया गया। इससे पहले चिराग ने अपने चाचा की हाजीपुर सीट पर जीत हासिल कर उन्हें घर बिठा दिया।

यह भी पढ़ें - 

'बीमा ने पीठ में छुरा भोंका', रुपौली जीतने के लिए NDA ने झोंकी ताकत; RJD प्रत्याशी पर उखड़े मांझी; चिराग भी बरसे

Shambhavi Choudhary : समस्तीपुर पहुंची शांभवी चौधरी से NDA नेताओं ने कर दी बड़ी मांग, फिर सांसद ने दिया ये रिएक्शन