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    पूर्ण शराबबंदी के बीच पटना में बड़ी प्रशासनिक चूक, जब्त 31 लाख लीटर में से 2 लाख लीटर अभी भी नष्ट नहीं

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 08:53 AM (IST)

    पटना में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद, जब्त की गई लगभग 2 लाख लीटर शराब अभी तक नष्ट नहीं की गई है। डीएम और एसएसपी की समीक्षा बैठक में यह गंभीर प्रशासनिक चू ...और पढ़ें

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    प्रतीकात्मक तस्वी

    पवन कुमार मिश्र, पटना। प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी को प्रभावी ढंग से लागू करने के दावों के बीच राजधानी में गंभीर लापरवाही सामने आई है। डीएम व एसएसपी की मद्यनिषेध की समीक्षा बैठक में पता चला कि एक अप्रैल 2016 से 14 दिसंबर 2025 तक जिले में जब्त दो लाख चार हजार 324.058 लीटर शराब नष्ट नहीं की गई है। 

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    इस बीच उत्पाद, पुलिस व जीआरपी ने कुल 31,29,925.329 लीटर शराब जब्त की थी और 14 दिसंबर तक 29,25,601.271 लीटर शराब ही नष्ट की गई है। शराब नष्ट करने में फिसड्डी पुलिस विभाग है। विभिन्न थानों में एक लाख 69 हजार 134 लीटर शराब रखी है, जिसे अब तक नष्ट नहीं किया गया है। उत्पाद विभाग भी लापरवाही में पीछे नहीं है। 

    उत्पाद थानों में 32 हजार 439 लीटर शराब

    विभिन्न उत्पाद थानों में 32 हजार 439 लीटर शराब रखी है, जिसे अब तक नष्ट नहीं किया गया है। उत्पाद विभाग का हाल तो यह है कि अब तक 10 हजार 90 लीटर अवैध शराब नष्ट करने का प्रस्ताव ही डीएम को नहीं भेजा है। 2100.580 लीटर शराब विनष्टीकरण का आदेश मिलने के बावजूद अब तक उसे नष्ट नहीं किया गया है।

    रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्ताव भेजने, आदेश लंबित रहने व आदेश के बावजूद नष्ट नहीं होने वाली शराब अलग-अलग श्रेणियों में सूचीबद्ध मात्रा पुलिस व उत्पाद थानों में रखी है। 

    डीएम व एसएसपी ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए संबंधित पदाधिकारियों को फटकार लगाई और नियमित छापेमारी, गिरफ्तारी व जब्ती के साथ विनष्टीकरण में भी किसी प्रकार की लापरवाही नहीं करने का निर्देश दिया। इसके लिए हर स्तर पर जवाबदेही तय की गई है।

    सबसे ज्यादा शराब उत्पाद थाना पटना सदर में लंबित

    आंकड़ों के अनुसार, विनष्टीकरण आदेश प्राप्त होने के बाद भी शराब नष्ट नहीं किए जाने का सबसे बड़ा मामला उत्पाद थाना पटना सदर से जुड़ा है। यहां 1,936.500 लीटर ऐसी शराब है, जिसे नष्ट करने का आदेश डीएम दे चुके हैं। इसके बाद उत्पाद थाना दानापुर में 164.080 लीटर शराब इस श्रेणी में है। 

    शराब नष्ट करने का प्रस्ताव नहीं भेजने वालों में भी पटना सदर आगे है। यहां 7,926.890 लीटर शराब विनष्टीकरण का प्रस्ताव अब तक नहीं भेजा गया है। 

    वहीं, उत्पाद थाना दानापुर ने 1,228.490 लीटर, उत्पाद थाना पालीगंज ने 160.000 लीटर, उत्पाद थाना बाढ़ ने 493.115 लीटर, उत्पाद थाना मसौढ़ी ने 282 लीटर शराब विनष्ट करने का प्रस्ताव डीएम को नहीं भेजा है।

    डीएम-एसएसपी ने कहा-देरी पर कार्रवाई तय

    डीएम व एसएसपी ने कहा कि शराब विनष्टीकरण का प्रस्ताव मिलते ही तय समय सीमा में आदेश पारित किया जा रहा है। ऐसे में फील्ड स्तर पर देरी किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं होगी। सभी एसडीओ-एसडीपीओ को थानावार दंडाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी तैनात कर विनष्टीकरण की प्रक्रिया पूरी कराने का निर्देश दिया गया है। 

    डीएम-एसएसपी ने कहा कि वाहनों के अधिहरण, शराब विनष्टीकरण व लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाएगी। अधिहरण वादों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन और कार्रवाई अनिवार्य होगी।

    आंकड़ों में विभागवार शराब जब्ती व नष्टीकरण 2016 से 2025 तक

    पुलिस विभाग :

    • जब्त - 24,11,993.755 लीटर
    • नष्ट- 22,42,859.686 लीटर
    • शेष - 1,69,134.069 लीटर

    उत्पाद विभाग

    • जब्त - 6,23,077.002 लीटर
    • नष्ट - 5,90,637.931 लीटर
    • शेष - 32,439.071 लीटर

    रेल पुलिस विभाग

    • जब्त- 94,854.572 लीटर
    • नष्ट- 92,103.654 लीटर
    • शेष - 2,750.918 लीटर