Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    एक ही परिसर में तीन स्कूलों का संचालन बनी शिक्षा के लिए बड़ी चुनौती, अनुशासन और सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 03:42 PM (IST)

    बेन, नालंदा में एक ही परिसर में प्राथमिक, मध्य और उच्च माध्यमिक विद्यालयों का संचालन शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। कमरों की कमी, शिक् ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    एक ही परिसर में तीन स्कूलों का संचालन

    संवाद सूत्र, बेन। प्रखंड मुख्यालय बेन स्थित प्राथमिक, मध्य एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय का एक ही परिसर में संचालन अब शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। कमरों की कमी, संसाधनों का बंटवारा, शिक्षकों की भारी कमी और अव्यवस्था के कारण न केवल पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा है, बल्कि छात्रों के भविष्य पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।

    एक ही परिसर में प्राथमिक, मध्य और उच्च माध्यमिक विद्यालय संचालित होने से अलग-अलग आयु वर्ग के बच्चों के प्रबंधन में काफी कठिनाई हो रही है। 

    छात्रों के बीच तालमेल बैठाना मुश्किल 

    छोटे बच्चों और किशोर छात्रों के लिए अलग-अलग वातावरण, अनुशासन, खेल मैदान और मानसिक विकास के अनुरूप व्यवस्था जरूरी होती है, जो एक साथ संभव नहीं हो पा रही है। यही नहीं, शिक्षा अधिकार कानून के तहत भी एक ही परिसर में तीनों स्तर के विद्यालयों का संचालन नियमों के विरुद्ध माना जाता है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि प्राथमिक, मध्य और माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राएं एक ही परिसर में प्रार्थना से लेकर खेलकूद तक सभी गतिविधियां एक साथ करते हैं, जिससे सुरक्षा और अनुशासन की स्थिति भी बिगड़ती है। कभी-कभी छोटे बच्चों और बड़े छात्रों के बीच तालमेल बैठाना मुश्किल हो जाता है।

    शिक्षकों और कमरों की भारी कमी

    प्राथमिक सह मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री संतोष विजय ने बताया कि विद्यालय में कुल 12 कमरे हैं, लेकिन मात्र 9 कमरों में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। पहली से पांचवीं तक 108 छात्र-छात्राएं तथा छठी से आठवीं तक 358 विद्यार्थी नामांकित हैं। इस तरह कुल 466 बच्चों की पढ़ाई के लिए छठी से आठवीं कक्षा में केवल तीन शिक्षक ही उपलब्ध हैं, जिनमें अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान और एक उर्दू विषय के शिक्षक शामिल हैं।

    वहीं, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार ने बताया कि माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक वर्ग के लिए मात्र एक कमरा उपलब्ध है। जबकि छात्र-छात्राओं की संख्या 390 है और शिक्षकों की संख्या 15 है। 

    ऐसे में एक कमरे में सभी कक्षाओं का संचालन संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि भवन निर्माण को लेकर क्षेत्रीय विधायक और शिक्षा विभाग को एक वर्ष पूर्व आवेदन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।

    प्रयोगशाला सामग्री बनी आलमीरा की शोभा

    कमरों के अभाव के कारण प्रयोगशाला की सामग्री आलमीरा में बंद पड़ी है। छात्रों को बिना प्रयोगात्मक शिक्षा के ही परीक्षाओं में शामिल होना पड़ता है, जिससे विज्ञान जैसे विषयों की समझ प्रभावित हो रही है।

    शिक्षा पदाधिकारी का बयान

    इस संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी पुष्पा कुमारी ने बताया कि सरकार के आदेशानुसार मध्य विद्यालयों को अपग्रेड किया गया है। भवन की कमी की जानकारी विभाग को भेज दी गई है और आगे की कार्रवाई विभागीय स्तर पर की जाएगी।

    कुल मिलाकर, एक ही परिसर में तीनों स्तर के विद्यालयों के संचालन से संसाधनों, प्रबंधन और अनुशासन के स्तर पर गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं, जिसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य पर पड़ रहा है।