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    नालंदा के लोगों के लिए खुशखबरी! सालेपुर से राजगीर तक बनेगा 26 किमी लंबा ग्रीनफील्ड फोरलेन, पटना की दूरी होगी कम

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 06:00 PM (IST)

    नालंदा में पर्यटन और यातायात को सुगम बनाने के लिए सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने प्रमुख परियोजनाओं का निरीक्षण ...और पढ़ें

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    प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)

    जागरण संवाददाता, बिहारशरीफ। नालंदा में पर्यटन और यातायात को सुगम बनाने के लिए सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। शनिवार को पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने जिले की प्रमुख सड़क परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण किया और अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि बख्तियारपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के समीप बन रहे टू-लेन रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य हर हाल में मार्च तक पूरा कर लिया जाए। निरीक्षण के दौरान बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और पुल निर्माण निगम के अधिकारी भी मौजूद रहे।

    सचिव ने बताया कि बौद्ध सर्किट को जोड़ने के लिए एनएच-82 पर सालेपुर से राजगीर तक 26.66 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड फोरलेन हाईवे का निर्माण किया जाएगा। इससे पटना से राजगीर का सफर सुरक्षित और कम समय वाला हो जाएगा।

    इसके अलावा, राजगीर खेल परिसर से इंडो होक्के होटल तक 7.4 किलोमीटर लंबी नई सड़क बनेगी। यह सड़क कुबरी, जैतीपुर और फतेहपुर होते हुए वीरायतन (एनएच-120) तक जाएगी।

    इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इस सड़क के बनने से अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान राजगीर में ट्रैफिक की समस्या नहीं रहेगी।

    नूरसराय-सिलाव रोड में बनेंगे पांच बाईपास

    जिले की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए नूरसराय से सिलाव वाया बेगमपुर तक करीब 22.17 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।

    इस परियोजना में पांच बाईपास बनाए जाएंगे ताकि घनी आबादी को विस्थापित नहीं करना पड़े। वहीं, प्रगति यात्रा के दौरान घोषित करगिल चौक से पचासा मोड़ तक 8 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क भी बनाई जाएगी।

    नालंदा-नवादा-गया को जोड़ेगा नया रूट

    सचिव ने बताया कि वाणगंगा (एनएच-82) से जेठियन-गहलौर होते हुए भिंडास तक की सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग के हिस्से के रूप में विकसित किया जा रहा है।

    यह मार्ग नालंदा, नवादा और गया जिले को आपस में जोड़ेगा। इसके अलावा हिलसा में 7.07 किलोमीटर लंबा पूर्वी बाईपास बनेगा, जिसमें दो आरओबी भी शामिल हैं।

    सचिव ने अधिकारियों को जमीन अधिग्रहण से जुड़ी बाधाओं को जल्द दूर करने का निर्देश दिया ताकि परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें।

    इन सड़कों के बनने से जिले में व्यापार और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। निरीक्षण के दौरान विभाग के कई वरीय पदाधिकारी और अभियंता मौजूद रहे।