हर जिले तक पहुंचेगी सस्ती बस सेवा, मार्च से बिहार की सड़कों पर उतरेंगी 175 नई इलेक्ट्रिक-सीएनजी बसें
बिहार परिवहन विभाग मार्च 2026 तक राज्य में 150-175 नई इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसें शुरू करेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में यह पहल सस्ती, सुगम ...और पढ़ें

हर जिले तक पहुंचेगी सस्ती बस सेवा
जागरण संवाददाता, नालंदा। नए साल की शुरुआत के साथ ही बिहारवासियों को परिवहन विभाग की ओर से बड़ी राहत मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य की डबल इंजन सरकार ने प्रदेश की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने का फैसला किया है। इसका सीधा लाभ आम यात्रियों को मिलेगा, जिन्हें अब कम किराए में, सुगम और सुरक्षित बस सेवाएं उपलब्ध होंगी। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने ऐलान किया है कि मार्च 2026 से पूरे बिहार में 150 से 175 नई बस सेवाएं शुरू की जाएंगी, जिनमें इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसें शामिल होंगी।
इसकी औपचारिक घोषणा 1 जनवरी को राजगीर बस स्टैंड में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की गई। इस अवसर पर परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के अंतर्गत एक सीएनजी बस को राजगीर रूट पर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के हर जिले, पर्यटन स्थल और मुख्यालय को सस्ती, सुलभ और समयबद्ध बस सेवा से जोड़ा जाए, ताकि आम लोगों को यात्रा में किसी तरह की परेशानी न हो।
परिवहन मंत्री ने कहा कि नई बस सेवाओं के शुरू होने से बिहार का हर कोना आपस में जुड़ेगा और यात्रियों का सफर पहले से कहीं अधिक आसान होगा।
खास बात यह है कि इन बसों में पर्यावरण संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा गया है। इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों के परिचालन से न केवल ईंधन खर्च कम होगा, बल्कि वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी। सरकार का यह कदम हरित परिवहन की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी बस सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। राजगीर, बोधगया, नालंदा, वैशाली जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक सीधी और नियमित बस सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इससे न सिर्फ स्थानीय लोगों को सुविधा मिलेगी, बल्कि राज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या भी बढ़ेगी।
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्लॉट की सुविधा
कार्यक्रम के दौरान परिवहन मंत्री ने एक और अहम घोषणा की। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए राज्य के सरकारी बस स्टैंडों पर ई-चार्जिंग स्लॉट लगाए जाएंगे।
इन चार्जिंग पॉइंट्स पर सरकारी और निजी दोनों तरह के इलेक्ट्रिक वाहनों को सस्ती दर पर चार्जिंग की सुविधा मिलेगी। इससे ई-वाहन उपयोग करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
900 से अधिक बसों का हो रहा परिचालन
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में बिहार में 900 से अधिक सरकारी बसों का परिचालन किया जा रहा है। इनमें डीजल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं।
यह आंकड़ा पिछले दो दशकों में परिवहन व्यवस्था में आए बड़े बदलाव को दर्शाता है। साल 2005 से पहले बिहार में सरकारी बसों की संख्या 250 से भी कम थी, लेकिन नीतीश कुमार के शासनकाल में इसमें चार गुना से अधिक की वृद्धि हुई है।
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) अरविंद सिंह ने बताया कि केवल राजधानी पटना से ही 250 से अधिक सरकारी बसों का नियमित परिचालन किया जा रहा है।
आने वाले महीनों में नई बसों के जुड़ने से यह संख्या और बढ़ेगी, जिससे यात्रियों को बेहतर समय-सारिणी और अधिक विकल्प मिल सकेंगे।
कुल मिलाकर, परिवहन विभाग की यह पहल बिहार में सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा देने वाली साबित होगी। सस्ती, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बस सेवाओं से न केवल आम लोगों का सफर आसान होगा, बल्कि राज्य के विकास और पर्यावरण संरक्षण को भी नई गति मिलेगी।

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