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मुजफ्फरपुर में पुलिस की अनदेखी पर पिता को खुद ही लाउडस्पीकर लगा खोजता रहा, फिर दर्दनाक सच्चाई...

By Rahman Md Edited By: Dharmendra Singh
Published: Mon, 05 Jan 2026 10:12 PM (IST)

मुजफ्फरपुर में विनोद भगत ने अपने लापता पिता गंगा भगत को पुलिस की कथित मदद न मिलने पर लाउडस्पीकर से ...और पढ़ें

नदी किनारे शव देखने के लिए जुटी भीड़। जागरण

नदी किनारे शव देखने के लिए जुटी भीड़। जागरण

HighLights

  1. पुलिस ने लापता पिता को खोजने में मदद से इनकार किया।

  2. मुजफ्फरपुर में पुलिस की अनदेखी, बेटे ने लाउडस्पीकर से ढूंढा लापता पिता, नदी में मिला शव

  3. ग्रामीणों में पुलिस की लापरवाही पर भारी आक्रोश देखा गया।

संवाद सहयोगी, सकरा (मुजफ्फरपुर) । पिता के लापता होने का आवेदन थाने में दिया, तो थाना प्रभारी ने उन्हें कड़े शब्दों में डांटते हुए कहा कि 'अगर वह लापता हो गया है तो खुद जाकर खोजो, मैं कहां से ढूंढकर लाऊंगा।'

इस व्यवहार से आहत पीड़ित विनोद ने प्रशासन के रवैये पर गहरी नाराजगी जताई। दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले विनोद भगत ने बताया कि पुलिस से सहयोग नहीं मिलने पर वह टेंपों पर लाउडस्पीकर लगाकर आसपास के गांवों और इलाकों में अपने बूढ़े पिता को ढूंढता फिरता रहा, जहां सोमवार को बरियारपुर थाना क्षेत्र स्थित कदाने नदी के किनारे पीड़ित विनोद के पिता का शव पाया गया।

उसका शव मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। मृतक 70 वर्षीय गंगा भगत, पिता स्वर्गीय राम अवतार भगत था, जो बरियारपुर पंचायत का ही निवासी था। जानकारी के अनुसार, गंगा भगत बीते 24 दिसंबर की शाम करीब चार बजे से लापता थे। स्वजन का कहना है कि गंगा भगत की मानसिक स्थिति पिछले कुछ समय से ठीक नहीं थी।

उम्र अधिक होने के कारण उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया था और वे अक्सर घर से बिना बताए निकल जाते थे। स्थानीय मुखिया पति रंजीत कुमार राय ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि नदी किनारे शौच के दौरान गंगा भगत का पैर फिसल गया होगा, जिससे वे कदाने नदी में गिर पड़े और डूबने से उनकी मौत हो गई।

हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी ठोस निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इधर, मृतक के बेटे विनोद भगत ने बरियारपुर थाना प्रभारी अरविंद कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बेटे विनोद भगत का कहना था कि शिकायत करने पर आवेदन तो पुलिस ने हमारा ले लिया था, लेकिन जब भी खोजबीन करने की बात करते तो हम डांट कर भगा दिया जाता था।

सोमवार की सुबह अचानक नदी किनारे शव मिलने ग्रामीणों में भी भारी आक्रोश देखा गया। गांव वालों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते खोजबीन की जाती तो शायद वृद्ध की जान बचाई जा सकती थी। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई।