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    Muzaffarpur News: मौसम के बदलाव से अस्पतालों में मरीजों की बाढ़! बचाव के लिए डॉक्टर ने दी ये सलाह

    Updated: Thu, 01 May 2025 11:53 AM (IST)

    मुजफ्फरपुर में मौसम में बदलाव के कारण सर्दी खांसी उल्टी-दस्त और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ देखी जा रही है। एसकेएमसीएच में प्रतिदिन औसतन 200 से 300 मौसमी बीमारियों के मरीज आ रहे हैं। डॉक्टरों ने धूप और धूल से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है।

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    मौसम में उतार-चढ़ाव से अस्पताल में बढ़ रही मरीजों की संख्या

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। मौसम और तापमान में उतार-चढ़ाव से सर्दी, खांसी, कै-दस्त व वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। सरकारी अस्पताल से लेकर निजी क्लीनिकों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

    तापमान में उतार-चढ़ाव से बढ़ी बीमारी

    एसकेएमसीएच की अधीक्षक डॉ.कुमारी विभा ने बताया कि तापमान में अचानक कमी और वृद्धि से शरीर का तापमान नियंत्रित नहीं रह पाता। इससे वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा धूल और प्रदूषण भी इन बीमारियों को बढ़ावा दे रहा है।

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    इन बीमारियों की चपेट में आ रहे लोग

    इसलिए इन दिनों अधिकांश मरीजों में बुखार, गले में खराश, सिरदर्द और शरीर में दर्द की शिकायत देखी जा रही है। यह मौसमी वायरल इंफेक्शन का प्रभाव है। बताया कि अभी उनके यहां औसतन दो से तीन सौ के बीच मौसमी बीमारी के मरीज आ रहे हैं। उनका इलाज किया जाता है।

    सदर अस्पताल में बढ़ी मरीजों की संख्या

    सदर अस्पताल के प्रबंधक प्रवीण ने बताया कि उनके यहां 150 से 200 के बीच मौसमी बीमारी के मरीज आते हैं। इस तरह के मरीजों की संख्या हाल में बढ़ी है।

    गर्मी और लू से ऐसे करें बचाव

    एसकेएमसीएच मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ.अमित कुमार ने कहा कि धूप और धूलभरी हवाओं से बचाव करें। धूप में जब भी निकलें तो शरीर पर प्रर्याप्त कपड़ा रहना चाहिए।

    इसके अलावे सिर ढंक कर रखें। शरीर में पानी की कमी न होने दें। पर्याप्त पानी पीना चाहिए। विटामिन-सी युक्त फल और हरी सब्जियों का सेवन करें। हाथों को बार-बार धोएं और मास्क का उपयोग करें। अगर कै-दस्त हो तो ओआरएस का घोल पीना चाहिए।

    अस्पताल में बनाए गए अलग वार्ड

    सिविल सर्जन डॉ.अजय कुमार ने कहा कि गर्मी जनित बीमारी को लेकर पीएचसी से लेकर सदर अस्पताल तक दवा व इलाज की सुविधा है। बताया कि लू के लिए भी अलग से वार्ड बनाया गया है।

    ओआरएस का पैकेट भी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर उपलब्ध कराया गया है। एकीकृत रोग निगरानी परियोजना की ओर से गर्मीजनित रोग को प्रतिदिन निगरानी चल रही है।

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