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    सिविल सर्जन साहब, जिस परिसर में रहते हैं, वहीं समय से पहले ओपीडी में क्यों लटक रहा ताला?

    By Amrendra Tiwari Edited By: Dharmendra Singh
    Updated: Fri, 02 Jan 2026 10:23 PM (IST)

    मुजफ्फरपुर में तिरहुत के प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने एक माडल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सर्जरी ओपीडी बंद और चिकित्सकों को अनुपस्थ ...और पढ़ें

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    माडल अस्पताल का निरीक्षण करते तिरहुत के प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह। जागरण

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। तिरहुत के प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने प्रभार ग्रहण करने के साथ ही शुक्रवार को दोपहर में सीधे माडल अस्पताल पहुंच गए। औचक निरीक्षण में अस्पताल की बदहाल व्यवस्था सामने आने पर कड़ी नाराजगी जताई।

    सर्जरी ओपीडी पहुंचे तो वहां ताला लटका मिला। आयुक्त ने अधीक्षक से सवाल किया, यह कैसा वर्क कल्चर है? कर्मचारी तो दिख रहे हैं, लेकिन चिकित्सक नदारद हैं। आयुक्त के निरीक्षण की सूचना मिलते ही सिविल सर्जन डा.अजय कुमार भागे-भागे अस्पताल पहुंचे।

    आयुक्त ने उनसे कहा, आपको प्रोटोकाल की जानकारी होनी चाहिए। आपका कार्यालय इसी परिसर में है, इसके बाद भी ओपीडी समय से क्यों नहीं चल रही? इस पर अधीक्षक डा.बीएस झा ने बताया सिविल सर्जन कार्यालय का भवन जर्जर हो चुका है, इसलिए जिलाधिकारी के निर्देश पर इसी भवन में कार्यालय चल रहा है।

    इस पर आयुक्त ने कहा जब आपका कार्यालय यहीं है, तो नियमित निरीक्षण होना चाहिए, इससे मरीजों का भला होगा। आयुक्त ने ईसीजी ओपीडी के रजिस्टर की जांच की। नए साल के रजिस्टर में अधीक्षक के हस्ताक्षर नहीं थे।

    एक जनवरी का पन्ना खाली था, जबकि दो जनवरी की इंट्री दर्ज थी। इसे गंभीर मानते हुए रजिस्टर पर गोला लगाते हुए कहा बैकडेट का खेल नहीं चलेगा। इसके बाद वह सर्जरी वार्ड पहुंचे, जहां ताला बंद मिला। उन्होंने अपनी घड़ी देखकर सुरक्षा कर्मी से समय पूछा।

    बताया गया कि अभी दो बजने में समय है। इस पर आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए कहा अभी ओपीडी का समय खत्म नहीं हुआ है। मानसिक रोग व ईएनटी विभाग में भी चिकित्सक अनुपस्थित मिले। परिसर में जगह-जगह गंदगी व धूल उड़ती दिखी।

    वार्ड में मरीजों को दिए गए पुराने व गंदे चादर देख निर्देश दिया कि रोज साफ बेडशीट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने मरीजों से भोजन की गुणवत्ता की भी जानकारी ली। इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा, अस्पताल आम लोगों से जुड़ा है। यहां किसी तरह की अनियमितता नहीं होनी चाहिए। पद संभालने के साथ निरीक्षण किया हूं। जो कमी है उसे दूर करने का प्रयास होगा। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को पारदर्शिता से क्रियान्वित करना है।

    सर, तीन साल के बेटे को टेटनस का इंजेक्शन दे रहा

    निरीक्षण के दौरान सकरी सरैया की आरती कुमारी रोते हुए आयुक्त के पास पहुंचीं। बताया कि उनके तीन साल के बेटे को कुत्ते ने काट लिया है। ओपीडी में जबरदस्ती टेटनस का इंजेक्शन लगाने का दबाव बनाया जा रहा है।

    महिला ने आशंका जताई कि इससे उसके बेटे की जान को खतरा हो सकता है। वह टोकन लेकर ओपीडी में पहुंची थीं। आयुक्त ने अधीक्षक को इसका निदान कराने को कहा। इस दौरान कई मरीजों ने दवा नहीं मिलने की भी शिकायत की।

    अंत में प्रमंडलीय आयुक्त ने अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्था सुधारने का टास्क दिया। ओपीडी का समय समाप्त होने के कारण वह मातृ-शिशु अस्पताल का निरीक्षण नहीं कर सके। मौके पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक रेहान अशरफ, सदर अस्पताल प्रबंधक प्रवीण कुमार आदि अधिकारी थे।