डेडलाइन समाप्त, कलर न कोड... मुजफ्फरपुर में बेतरतीब तरीके से आटो व ई-रिक्शा का परिचालन
मुजफ्फरपुर में डीएम के आदेश के बावजूद ऑटो और ई-रिक्शा के नए नियम लागू नहीं हो पाए हैं। तय समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी वाहन बिना कलर और कोड के बेतरत ...और पढ़ें

मुजफ्फरपुर में ऑटो ई-रिक्शा नियमों की अनदेखी, शहर में यातायात अराजकता जारी। जागरण
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। नियम बनाने से अधिक महत्वपूर्ण है इसे लागू करना या कराना। शहर को जाम से मुक्त व अतिक्रमण हटाने के लिए अब तक जितने भी अभियान चले या नियम बने वे सफल नहीं हो सके। यह इसलिए कि यहां डीएम तक के आदेश का अनुपालन नहीं हो पाता।
ट्रैफिक जवान तक उनके आदेश का पालन नहीं करते। ताजा उदाहरण शहर में 20 दिसंबर को आटो के नए रूट व नियम से परिचालन का है। डीएम ने दो सप्ताह बाद नियम को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया था।
तीन जनवरी को उसकी समय सीमा समाप्त हो गई। चार जनवरी को भी सड़कों पर उसी तरह की अराजकता दिखी जो पहले थी। ऐसे में तीन-तीन विभागों के मिलकर ट्रैफिक प्लान तैयार करने व डीएम के आदेश अराजकता की भेंट चढ़ गए।
विदित हो कि आटो व ई-रिक्शा की संख्या के साथ इनका रूट भी निर्धारित किया गया। इसके अनुसार सभी आटो व ई-रिक्शा पर कलर एवं कोड अनिवार्य किया गया। 45 सौ आटो व ई-रिक्शा के परिचालन की स्वीकृति शहरी क्षेत्र में दी गई।
रविवार को रूट प्लान धरातल पर नजर नहीं आया। शहर में बिना कलर व कोड आटो का परिचालन बेतरतीब तरीके से जारी है। अभी काफी संख्या में ऐसे आटो व ई-रिक्शा हैं, जिन पर कलर व कोड नहीं है फिर भी ये धड़ल्ले से चल रहे हैं।
स्टेशन रोड, कलमबाग रोड, अघोरिया बाजार से कच्ची पक्की रोड समेत तमाम मार्ग में प्रशासन के बनाए नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। दूसरी ओर जवाबदेह पदाधिकारी व विभाग इससे बेपरवाह हैं। डेडलाइन समाप्त होने के बाद कहीं पर भी नए प्लान के अनुसार परिचालन को लेकर सख्ती व अनुपालन कराने का प्रयास होता नहीं दिखा।
प्रशासन के आदेश को ठेंगा दिखा रहे आटो चालक, मूकदर्शक बने जवाबदेह
अघोरिया बाजार चौराहा की स्थिति सबसे बदतर व अराजक हो चुकी है। यहां कोई नियम लागू होने वाला नहीं है। नगर विधायक, एसडीओ पूर्वी व ट्रैफिक डीएसपी ने दिसंबर में निरीक्षण कर अघोरिया बाजार चौक से जाम की समस्या समाप्त करने को लेकर प्लान तैयार किया था।
इसके तहत शहर के किसी भी चौराहे पर आटो या ई-रिक्शा की पार्किंग नहीं होने का आदेश जारी किया था। कहा गया था कि चौराहों पर टर्निंग प्वाइंट के सौ मीटर के दायरे के बाहर ही पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। अगर इसका उल्लंघन करेंगे तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन प्रशासन के आदेश को आटो चालक ठेंगा दिखा रहे हैं।
हर दिन चौराहों पर ही घंटों आटो, ई-रिक्शा को खड़ा कर सवारी बैठाई जाती है। ट्रैफिक विभाग के सिपाही वहां मूकदर्शक की भूमिका निभाते हैं। कार्रवाई की जवाबदेही इन्हें ही दी गई थी, लेकिन ये इससे पूरी तरह बेपरवाह नजर आते हैं।
सिर्फ कलर किया और नहीं चस्पा किया कोड संख्या
अघोरिया बाजार से कच्ची पक्की, स्टेशन रोड समेत अन्य मार्गों में कई आटो व ई-रिक्शा ऐसे भी दिखें, जिन पर सिर्फ कलर किया गया था, लेकिन कोड नहीं लिखा था। इसके बाद भी पूरे दिन परिचालन होता रहा और कोई भी पुलिस या ट्रैफिक विभाग के पदाधिकारी इस पर कार्रवाई करते नहीं दिखे।

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