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    उम्मीदों से भरा 2026 : टीआरई-4 शिक्षक भर्ती, नए डिग्री कालेज और स्कूल भवनों से बदलेगी तस्वीर

    By Ajit Kumar Edited By: Dharmendra Singh
    Updated: Thu, 01 Jan 2026 09:47 PM (IST)

    Bihar Latest News : मुजफ्फरपुर सहित बिहार के विभिन्न जिलों में शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव की उम्मीद है। टीआरई-4 के तहत प्राथमिक से उच्च माध्यमिक स् ...और पढ़ें

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    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने की संभावना है। यहां विषयवार शिक्षकों की कमी है। रिक्त पदों का ब्योरा विभाग को भेजा गया है।

    विभागीय सहमति के बाद बीपीएससी द्वारा टीआरई-4 की परीक्षा होगी। इसके बाद काउंसिलिंग व पदस्थापन की प्रक्रिया पूरी कर स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर की जाएगी। शिक्षा विभाग ने लाइब्रेरियन की कमी को दूर करने का भी निर्णय लिया है।

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    जिले में पहली से 12वीं कक्षा तक कुल 1215 शिक्षकों के पद पर बहाली की प्रक्रिया शुरू होगी। जिला स्तर पर विषयवार व वर्गवार रिक्तियों के आकलन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

    रिक्त पदों का ब्योरा भेजा गया है। सर्वाधिक रिक्तियां 11-12वीं कक्षा के लिए हैं, जहां विभिन्न विषयों में 581 पद खाली हैं। इसके अलावा पहली से पांचवीं कक्षा के लिए 191, छठी से आठवीं के लिए 190 व नौवीं-दसवीं के लिए 253 पद रिक्त हैं।

    माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूलों में बनेंगे भवन

    माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूलों में भवनों की कमी है। नए साल में इसे दूर किए जाने की संभावना है। 300 से अधिक स्कूलों में कमरे की समस्या है। प्रधानाध्यापकों ने कमरे की कमी की रिपोर्ट जिला मुख्यालय भेजी है। इसके आधार पर स्कूलों में वर्ग कक्ष का निर्माण होगा। जिला शिक्षा अधिकारी कुमार अरविंद सिन्हा ने बताया स्कूलों में शिक्षकों की कमी जल्द पूराी कर ली जाएगी। दूसरी ओर वर्ग कक्ष की समस्या को दूर करने की दिशा में पहल शुरू है।

    प्रत्येक प्रखंडों में खुलेंगे डिग्री कालेज

    नए साल में उच्च शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगी। उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को भटकना नहीं पड़ेगा। उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को शहर आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। वैसे प्रखंड जहां एक भी कालेज नहीं है, वहां उच्च शिक्षा के लिए कालेज खुलेंगे।

    नए साल में बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले छह जिलों के 44 प्रखंडों में नए कालेज खुलेंगे। इन प्रखंडों में अब तक एक भी महाविद्यालय नहीं है। राज्य सरकार की ओर से बजट में की गई घोषणा के आधार पर इसकी प्रक्रिया तेज हो गई है।

    विश्वविद्यालय की ओर से मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी व पश्चिम चंपारण में महाविद्यालय विहीन प्रखंड को चिह्नित किया गया है। अब इस प्रस्ताव को विश्वविद्यालय स्तर से राज्य सरकार को भेजा जाएगा।

    जिले में औराई, बोचहां, मुरौल व गायघाट में एक भी महाविद्यालय नहीं है। प्रखंडों में महाविद्यालय स्थापित किए जाने को लेकर जिला प्रशासन की ओर से जमीन की तलाश की जानी है। वैशाली जिले में बिदुपुर व पटेडी बेलसर प्रखंठ में न तो कोई संबद्ध कालेज और न ही अंगीभूत महाविद्यालय है। यहां जमीन चिह्नित कर महाविद्यालय खोला जाना है।

    इसी तरह शिवहर में पुरनहिया, शिवहर, डुमरी, कटसारी का चयन किया गया है। सीतामढ़ी में महाविद्यालयविहीन कुल नौ प्रखंड बाजपट्टी, बोखरा, चोरौत, मेजरगंज, नानपुर, परसौनी, पुपरी, सोनबरसा, सुप्पी का चयन किया गया है। पूर्वी चंपारण में 16 प्रखंडों में बंजरिया, बनकटवा, छोड़ादानी, चिरैया, हरसिद्धि, मेहसी, पहाड़पुर, पताही, पीपराकोठी, रमगड्या, संग्रामपुर, सुगौली, तुरकौलिया, फेनहारा, लैतरिया व आदेपुर शामिल हैं।

    पश्चिमी चंपारण में नौ प्रखंडों में कोई भी महाविद्यालय नहीं है। अब इन छह जिलों में चिह्नित किए गए कुल 44 प्रखंडों महाविद्यालयों की स्थापना होगी। प्राक्टर प्रो.बीएस राय ने बताया राज्य सरकार की ओर से महाविद्यालयविहीन प्रखंडों में इनकी स्थापना की जानी है।