अब बनेगा न्यू मुजफ्फरपुर जंक्शन, लोकेशन के लिए तीन जगहों पर चली रही बात; यात्रियों का बचेगा 45 मिनट का समय
मुजफ्फरपुर में एक और स्टेशन बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। तीन जगहों का प्रस्ताव भेजा गया है। न्यू जंक्शन बन जाने से ट्रेनों के परिचालन में समय की बचत ...और पढ़ें

मुजफ्फरपुर, जागरण संवाददाता। उत्तर बिहार के लोगों का एक और सपना शीघ्र पूरा होने वाला है। मुजफ्फरपुर में एक और स्टेशन बनाने का खाका तैयार हो रहा है। यह पुराने रेलवे स्टेशन एरिया में ही बनाया जाएगा। इसका नाम न्यू मुजफ्फरपुर जंक्शन होगा।
फिलहाल दो प्लेटफार्म का स्टेशन बनाने पर विचार चल रहा है। पूर्व मध्य रेल के प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक (पीसीओएम) के प्रस्ताव पर इसकी कवायद शुरू हो गई है। न्यू मुजफ्फरपुर जंक्शन बनाने के लिए मुजफ्फरपुर स्टेशन एरिया की तीन जगहों को देखा जाएगा।
चंद्रलोक चौक के समीप लोको कालोनी, बटलर के आगे रेलवे कालोनी तथा तीसरा ब्रह्मपुरा रेलवे कालोनी के समीप उपयुक्त स्थल का प्रस्ताव भेजा गया है। इसके लिए 800 मीटर लंबी और 30 फीट चौड़ी जगह की आवश्यकता है।
मंगलवार को पूर्व मध्य रेल के चीफ ट्रांसपोटेशन प्लानिंग मैनेजर (सीटीपीएम), चीफ सिग्नल एंड टेलिकम इंजीनियर (सीएसटी), चीफ टेलिकम एंड सिग्नल प्लानिंग तथा सोनपुर रेलमंडल के परिचालन प्रबंधक, सिग्नल एंड टेलिकम अधिकारी, मुजफ्फरपुर स्टेशन डायरेक्टर के साथ इन स्थलों को देखेंगे।
इन सभी स्थलों में अब तक सबसे उपयुक्त बटलर के समीप वाली खाली जगह और ब्रह्मपुरा रेलवे कालोनी को माना जा रहा है। इन दोनों जगहों में किसी एक जगह पर न्यू जंक्शन बन जाने से ट्रेनों के परिचालन में समय की बचत होगी। रेल भूमि विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ मिलकर वार्ता होगी।
बता दें कि हाजीपुर, सीतामढ़ी और मोतिहारी लाइन से आने वाली ट्रेनों के इंजन घुमाने में करीब 45 मिनट का समय लगता है। वहां न्यू मुजफ्फरपुर जंक्शन बन जाने के बाद इंजन घुमाना नहीं पड़ेगा। गाड़ी आएगी और पांच मिनट के स्टॉपेज के बाद गंतव्य स्टेशन हाजीपुर, मोतिहारी, समस्तीपुर, सीतामढ़ी की ओर आसानी से निकल जाएगी।
उक्त स्थलों को देखने के बाद उनमें एक स्थल का चुनाव कर पूर्व मध्य रेल के चीफ ट्रांसपोटेशन प्लानिंग मैनेजर उच्चाधिकारी को प्रस्ताव भेजेंगे। उसके बाद मंजूरी के लिए रेल मंत्रालय को भेजा जाएगा। वहां से अप्रूव होने के बाद गति शक्ति योजना से कार्य शुरू हो जाएगा।
नए स्टेशन से होंगे कई फायदे
न्यू मुजफ्फरपुर जंक्शन बनने पर मुजफ्फरपुर वर्ल्ड क्लास स्टेशन से काफी फायदा होगा। मुजफ्फरपुर जंक्शन पर ट्रेनों का दबाव घटेगा। सीतामढ़ी से दिल्ली जाने वाली लिच्छवी एक्सप्रेस, रक्सौल से दिल्ली जाने वाली सद्भावना एक्सप्रेस सहित उन रूटों की ट्रेनें न्यू मुजफ्फरपुर जंक्शन से निकल जाएंगी। साथ ही गुड्स ट्रेनों के मार्ग में होने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिल जाएगा।
माड़ीपुर व बीबीगंज के समीप बन रहे आरओबी का मिलेगा फायदा
बीबीगंज के समीप समानांतर ओवरब्रिज का निर्माण शुरू हो गया है। आरओबी की 64.09 मीटर लंबाई और 12.03 मीटर चौड़ाई होगी। इसके बनने के बाद मोतिहारी और सीतामढ़ी रेलखंड का दोहरीकरण जल्द हो जाएगा। इधर, माड़ीपुर पुल समीप 65 करोड़ की लागत से बो स्ट्रिंग गार्डर डिजाइन का रोड ओवरब्रिज बन रहा है।
इसकी भी लोड टेस्टिंग होकर बिजली के पोल हटाने की कवायद चल रही है। इसके बनने से पुल के नीचे के सारे स्पैंन हट जाएंगे और रेलवे लाइन की चौड़ाई बढ़ जाएगी। न्यू मुजफ्फरपुर जंक्शन को इसका फायदा मिलेगा। इस जंक्शन से उधर से सारे टर्मिनल लाइनों को जोड़ दिया जाएगा।
मेमू शेड बनाने के लिए भी निरीक्षण
न्यू मुजफ्फरपुर जंक्शन बनाने के लिए स्थल जांच के दौरान मेमू ट्रेनों के ठहराव के लिए भी बटलर सहित अन्य रेलवे के खाली पड़े स्थलों की जांच की जाएगी। पूर्व मध्य रेल अधकारी इसका भी जायजा करेंगे। उपयुक्त जगह पर मेमू शेड की प्लानिंग कर रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजेंगे।
पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि न्यू मुजफ्फरपुर जंक्शन बनाने के लिए मुजफ्फरपुर जंक्शन के आसपास को देखा जा रहा है। उच्चधिकारियों की टीम जिस जगह का प्रस्ताव देंगे, वहां का नक्शा बनकर रेल मंत्रालय को भेजा जाएगा।

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