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बिहार में पशु तस्करी का बदला तरीका, सैकड़ों भैंसों को पैदल ले जा रहे तस्कर; पुलिस बेखबर

Published: Sun, 04 Jan 2026 12:20 PM (IST)

कुढ़नी में पशु तस्करी का नया तरीका सामने आया है, जहाँ तस्कर भोले-भाले लोगों का इस्तेमाल कर सैकड़ों भैंसों को ...और पढ़ें

पशु तस्करी का बदला रूप

पशु तस्करी का बदला रूप

HighLights

  1. तस्कर भोले-भाले लोगों से सैकड़ों भैंसों की तस्करी करा रहे।

  2. मुजफ्फरपुर-हाजीपुर NH 22 पर पैदल भैंसों को ले जाते देखा।

  3. स्थानीय पुलिस को पशु तस्करी के नए तरीके की भनक नहीं।

संवाद सहयोगी, कुढ़नी। मवेशियों की तस्करी का तरीका बदलकर तस्करों के द्वारा एक राज्य से दूसरे राज्यों में भेजने के लिए भोले भाले लोगों को लगा दिया है। शनिवार को यह मामला एनएच 22 मुजफ्फरपुर हाजीपुर मुख्य मार्ग से गुजरने वाली सड़कों पर दर्जनों की संख्या में पशुओं को सड़क किनारे ले जाते देखा गया है। 

वहीं मवेशियों के तस्करी के लिए कटिहार,पूर्णिया,फारबिसगंज के अलावा पश्चिम बंगाल के बॉर्डर इलाकों के भोले भाले किसानों से भैंस खरीद कर उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में ले जाया जाता है और सभी मवेशियों को तौल कर बेचने की बात सामने आई है।

पैसे लेकर पहुंचाते हैं भैंस

वहीं कुढ़नी-तुकी व फकुली थाना क्षेत्र के रास्ते शनिवार को कड़ाके कि ठंड में ऐसे ही भैस को ले जाते तस्कर मो. अली जौहर ने तुर्की थाना क्षेत्र के कफेन गांव से भैंस के झुंड को लेकर गुजरने के दौरान बताया कि भैंस खरीद करने वाले बड़े व्यापारी कोई और है। हम लोगों को मजदूरी पर यहां से वहां तक पहुंचा देना है। हमारे आगे हमारा आदमी (व्यापारी) तस्कर कार से चल रहा और खाना पीना चाय का सारी व्यवस्था कर देता है। 

रास्ते में खुले बागों गाछियों में ठहर जाते हैं और फिर भैंस को लेकर आगे चलते रहते हैं। वहीं झुंड में लगभग तीन सौ से ज्यादा भैंस एवं उसके बच्चे को ले जाने क्रम में पूछे जाने पर उक्त मजदूर ने बताया। उसके साथ लगभग दो दर्जन आदमी साथ में था। 

जो मवेशियों को हांक रहा था। विशेष पुछने पर कुछ भी नहीं बता रहा था। वही कुढ़नी, तुर्की व फकुली थानाध्यक्ष को इसकी कोई जानकारी तक नहीं है।