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    श्यामनंदन सहाय कॉलेज परीक्षा केंद्र पर अवैध वसूली का आरोप, छात्रों के हंगामे से अफरा-तफरी

    By Keshav pandeyEdited By: Ajit kumar
    Updated: Sun, 04 Jan 2026 01:55 PM (IST)

    Illegal collection in exam centre: मुजफ्फरपुर के श्यामनंदन सहाय कॉलेज में संगीत परीक्षा के दौरान छात्रों ने अवैध वसूली और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगात ...और पढ़ें

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur exam centre controversy: बेला औद्योगिक क्षेत्र स्थित श्यामनंदन सहाय कॉलेज में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब संगीत विषय की परीक्षा देने पहुंचे छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर अवैध वसूली और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परीक्षा केंद्र पर घंटों तक असमंजस की स्थिति बनी रही।

    जानकारी के अनुसार, सीतामढ़ी स्थित माताश्री कौशल्या डॉ. गणेश राय डिग्री कॉलेज समेत कई कॉलेजों के छात्रों का परीक्षा केंद्र श्यामनंदन सहाय कॉलेज में निर्धारित था। रविवार को संगीत विषय की प्रायोगिक व सैद्धांतिक परीक्षा होनी थी। परीक्षा का समय सुबह 10:30 बजे तय था, लेकिन दोपहर तक परीक्षा प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी।

    छात्रों का आरोप है कि परीक्षा में बैठने के लिए कॉलेज के कुछ कर्मियों द्वारा प्रति छात्र 500 रुपये की मांग की जा रही थी। छात्रों ने कहा कि पैसे नहीं देने पर परीक्षा से वंचित करने और उत्तर पुस्तिकाएं जमा नहीं लेने की धमकी दी गई। इससे छात्र भय और मानसिक दबाव में आ गए।

    दूर-दराज से आए छात्रों ने बताया कि वे कड़ाके की ठंड में लंबी दूरी तय कर परीक्षा देने पहुंचे थे, लेकिन परीक्षा शुरू नहीं होने और कथित वसूली के कारण उनका बहुमूल्य समय बर्बाद हो गया। छात्रों का कहना है कि शिक्षा के मंदिर में इस तरह की गतिविधियां उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं।

    Rucks in college

    परीक्षा में हो रही देरी और आरोपों से आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज परिसर में नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। हंगामे की सूचना के बाद कॉलेज परिसर में तनाव का माहौल बना रहा।

    खबर लिखे जाने तक कॉलेज प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और जिला शिक्षा विभाग से पूरे मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

    शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी इस घटना ने एक बार फिर परीक्षा केंद्रों की पारदर्शिता और शुचिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।