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    मुजफ्फरपुर को जाम से मिलेगी बड़ी राहत, 1700 करोड़ से बनेगा 17 किमी लंबा बाइपास

    By Babul DeepEdited By: Ajit kumar
    Updated: Sun, 04 Jan 2026 06:01 AM (IST)

    Muzaffarpur Infrastructure News: मुजफ्फरपुर में 1700 करोड़ रुपये की लागत से 17 किलोमीटर लंबे बाइपास का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। राष्ट्रीय राजमार् ...और पढ़ें

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    Bihar Bypass Road Update: प्रक्रिया पूरी होते ही टेंडर जारी कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Bypass Projec: मुजफ्फरपुर को वर्षों से जकड़े ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने की दिशा में अब ठोस पहल शुरू हो गई है। जिले के पूर्वी हिस्से में करीब 1700 करोड़ रुपये की लागत से बाइपास रोड निर्माण की प्रक्रिया राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने तेज कर दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर सर्वे का काम चल रहा है, जो इसी माह पूरा होने की संभावना है।

    एनएचएआइ द्वारा कराए जा रहे सर्वे में प्रतिदिन गुजरने वाले वाहनों की संख्या, ट्रैफिक प्रेशर और भूमि अधिग्रहण की जरूरतों का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। साथ ही इस बाइपास की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। प्रक्रिया पूरी होते ही टेंडर जारी कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

    बखरी के पास दरभंगा एनएच में मिलेगा

    यह प्रस्तावित 17 किलोमीटर लंबा बाइपास मधौल से शुरू होकर बखरी के पास दरभंगा एनएच में मिलेगा। इसके बन जाने से हाजीपुर-पटना की ओर से आने वाले वाहन सीधे दरभंगा की ओर जा सकेंगे, जिससे शहर के भीतर प्रवेश की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे चांदनी चौक, बैरिया और अन्य प्रमुख जाम वाले इलाकों पर ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। 

    20 किलोमीटर की दूरी होगी कम

    बाइपास के निर्माण से लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों को शहर के भीतर घूमकर जाने की मजबूरी नहीं रहेगी। अनुमान है कि इससे करीब 20 किलोमीटर की दूरी घटेगी, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। 

    गांवों को भी मिलेगा विकास का लाभ

    इस परियोजना का लाभ केवल शहर तक सीमित नहीं रहेगा। बाइपास के किनारे स्थित मधौल, कफेन, दीघरा और मुशहरी प्रखंड की कई पंचायतों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। नए व्यवसाय, ढाबे, वेयरहाउस और लॉजिस्टिक सुविधाओं के विकास की संभावना भी बनेगी।

    गौरतलब है कि पिछले वर्ष प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने इस प्रस्तावित मार्ग का निरीक्षण किया था, जिसके बाद इसे स्वीकृति मिली। अब एनएचएआइ द्वारा निर्माण प्रक्रिया शुरू किए जाने से यह स्पष्ट है कि मुजफ्फरपुर को ‘जाम मुक्त’ बनाने की दिशा में काम जमीन पर उतरने जा रहा है