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    पश्चिम चंपारण के बगहा में कोई हिस्सा नहीं है अछूता, हर जगह अतिक्रमण, जाम में फंसना मजबूरी

    By DharmendraEdited By:
    Updated: Sat, 28 Nov 2020 04:51 PM (IST)

    अतिक्रमण के कारण गन्ना पेराई सीजन के साथ ही अन्य दिनों में भी जाम की समस्या रहती है। इससे आम आदमी के साथ ही क‍िसानों को परेशानी होती है। नगर के बैंक च ...और पढ़ें

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    रेलवे ढ़ाला के पास जाम में फंसे लोग।

    पश्चिम चंपारण, जेएनएन। नगर से अतिक्रमण का चोली दामन का साथ है। जिससे आवागमन में काफी दिक्कत होती है। अस्थायी अतिक्रमण के कारण गन्ना पेराई सीजन के साथ ही अन्य दिनों में भी जाम की समस्या रहती है।नगर के बैंक चौक, अनुमंडलीय अस्पताल के सामने, स्टेशन रोड समेत आधा दर्जन जगहों पर अतिक्रमण किया गया है।आलम यह है कि इस अतिक्रमण के कारण सड़कों के 50 फीसद हिस्सा अतिक्रमणकारियों के कब्जे में है।  

     लंबे समय से नहीं चला अभियान

    प्रशासन की ओर से लंबे समय से अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान नहीं चलाया गया। फल एवं सब्जी की रेहडिय़ों की संख्या में इजाफा ही हुआ है। इससे सड़क पर चलना मुश्किल होता ही है। यहां खरीदारी करने वालों की एक अलग ही भीड़ लग जाती है। 

    जाम में फंसे तो निकलना मुश्किल

    जाम में अगर फंस गए तो एक घंटे तक निकलना मुश्किल हो जाएगा। जाम की सबसे बड़ी वजह रेलवे क्राङ्क्षसग का बंद होना। एक बार क्राङ्क्षसग बंद होती है तो एक घंटे तक जाम में फंसना मजबूरी है। लंबे समय से ओवरब्रिज की मांग उठती आ रही है। बीते विधान सभा चुनाव में भी जनता को आश्वासन मिला है। 

    जाम के समाधान के लिए होगा जन आंदोलन- आशीष 

    भाजपा के युवा नेताआशीष मिश्र उर्फ रौशन बाबा का कहना है कि‍ बगहा को एक महीने के अंदर धूल और जाम  से मुक्त नहीं किया गया तो एक जन आंदोलन होगा। जिसका जिम्मेदार प्रशासन और चीनी मिल प्रशासन होगा। आए दिन ट्रैक्टर- ट्रॉली से जाम की समस्या हो रही है। अतिक्रमण भी गंभीर समस्या है।  पूरा बगहा धूल से सना गया है। यहां के अधिकारी मौन धारण किए हैं। उन्हें न जाम की समस्या से मतलब है और नहीं अतिक्रमण से।