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    पूमरे के मुजफ्फरपुर समेत सभी स्टेशनों पर श्वान दस्ते से निगरानी, 17 खोजी कुत्तों की तैनाती

    By Gopal Tiwari Edited By: Ajit kumar
    Updated: Fri, 02 Jan 2026 07:28 PM (IST)

    पूर्व मध्य रेल के मुजफ्फरपुर सहित सभी स्टेशनों पर अब श्वान दस्ते से निगरानी की जाएगी। कुल 17 खोजी कुत्ते तैनात किए गए हैं, जो रेलवे सुरक्षा बल के अधीन ...और पढ़ें

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    दिल्ली में ले रहा स्निफर के साथ विस्फोटक पदार्थों को पलक झपकते पकड़ने की ट्रेनिंग। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। पूर्व मध्य रेल (पूमरे) के मुजफ्फरपुर सहित सभी प्रमुख स्टेशनों की सुरक्षा अब श्वान दस्ते के भरोसे और मजबूत की जा रही है। इसके लिए 17 खोजी कुत्तों की खरीद कर उनकी तैनाती की गई है। सभी श्वान दस्ते रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के अधीन कार्य करेंगे।

    मुजफ्फरपुर जंक्शन पर तैनात किए जाने वाले जर्मन शेफर्ड नस्ल के खोजी कुत्ते को विशेष प्रशिक्षण के लिए दिल्ली भेजा गया है। बीते छह माह से चल रही उसकी ट्रेनिंग लगभग पूरी हो चुकी है और जनवरी के अंत तक उसे मुजफ्फरपुर लाया जाएगा।

    इसके पहले स्टेशन पर श्वान दस्ते के लिए आधारभूत सुविधा विकसित की जा रही है। प्लेटफार्म संख्या सात-आठ के पश्चिमी छोर पर स्थित पुराने डॉग केबिन का जीर्णोद्धार शुरू कर दिया गया है। आरपीएफ इंस्पेक्टर मनीष कुमार की देखरेख में चल रहे कार्य में केबिन की दीवार ऊंची की जा रही है, ताकि कुत्ता बाहर न निकल सके। इस कार्य की जिम्मेदारी आइओडब्ल्यू राजीव रंजन को सौंपी गई है।

    श्वान दस्ते के संचालन के लिए एक हवलदार और एक सिपाही की स्थायी तैनाती की गई है। खोजी कुत्ते को दो प्रमुख श्रेणियों—स्निफर (सूंघकर खोज) और विस्फोटक पदार्थों की पहचान—का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके जरिए ट्रेनों में शराब, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगेगी।

    श्वान दस्ता मुजफ्फरपुर जंक्शन के पार्सल कार्यालय, सर्कुलेटिंग एरिया, प्लेटफार्म और रेल पटरियों के आसपास नियमित जांच करेगा। इससे संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।

    इन मामलों में भी होगी मदद

    खोजी कुत्ते अपनी तेज सूंघने की क्षमता से विस्फोटक सामग्री, ड्रग्स, हथियार और संदिग्ध वस्तुओं का पता लगाने में सक्षम होते हैं। बम या अन्य विस्फोटक मिलने की स्थिति में कुत्ता शांत होकर बैठ या लेट जाता है, जिससे हैंडलर को संकेत मिल जाता है और अफरातफरी की स्थिति नहीं बनती।

    रेलवे अधिकारियों का मानना है कि श्वान दस्ते की तैनाती से यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ अपराध और तस्करी पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।