म्यांमार और यूएई में कोरोना से मरने वालों के आश्रितों ने मुआवजे के लिए दी दस्तक, सूची में सैकड़ों नाम
कोरोना काल में जान गंवाने वाले सैकड़ों लोगों के आश्रितों को आज भी मुआवजे का इंतजार है। बिहार में ही ऐसे सैकड़ों मामले हैं। कई मामले तो ऐसे भी हैं जिनमें कोरोना संक्रमित की मौत विदेश में हुई है। ऐसे में इनकी सूची राज्य मुख्यालय को भेज दी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही इस पर कोई निर्णय हो जाएगा।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। कोरोना की लहर में 1313 लोगों ने जान गंवाई। इनमें से अब उनके स्वजन मुआवजे के लिए स्वास्थ्य विभाग की चौखट पर दस्तक दे रहे हैं। सबके आवेदन जांच के बाद आपदा विभाग को भेजे गए। मरने वाले में म्यांमार व यूएई में रहने वाले के दावेदार भी हैं।
इस सूची में दूसरे राज्य में मृत 83 तथा दूसरे जिले के यहां पर रहने वाले 172 मृतकों की सूची को राज्य मुख्यालय भेजी गई है। अब राज्य मुख्यालय जब तय करेगा, उसके बाद विदेश में दावा करने वाले को मुआवजा दिया जाएगा।
सरैया इलाके के रहने वाले एक व्यक्ति के संक्रमित होने पर म्यंमार के निसीन जेनरल हास्पिटल में इलाज हुआ। वहीं, यूएई में कोरोना संक्रमित व्यक्ति का जुबली जेनरल हॉस्पिटल रियाद में इलाज हुआ था।
दोनों की वहीं मौत हो गई थी। इसके साथ अलग-अलग राज्य में मरने वाले पंजाब, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, मुंबई, गुजरात, दिल्ली, असाम, हरियाण, कर्नाटक, उड़ीसा, छतीसगढ़ में संक्रमित हुए थे।
इसके साथ कुछ ऐसे संक्रमित हैं, जिनका यहां पर इलाज हुआ। बाद में उनकी बीमारी से मौत हो गई। बाकी वह दूसरे जिले के रहने वाले थे। आइडीएसपी सेल की ओर से जिले से बाहर व राज्य से बाहर रहने वाले की सूची भेजी गई है।
जिले के 1058 दावेदारों को मुआवजे का भुगतान
2021 में 461, 2022 में 399 तथा 2023 में 453 की मौत हुई। इनमें 1058 दावेदारों को मुआवजा का भुगतान हुआ। आपदा विभाग की ओर से करीब 65 करोड़ 70 लाख का भुगतान किया जाएगा। बारी-बारी से सभी दावेदार का भुगतान किया जा रहा है।
अबतक 41 करोड़ 40 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। 255 ऐसे दावेदार आए जिनका दूसरे जिले तथा दूसरे राज्य से उनका जुड़ाव था। उन जिले व राज्य को रिपोर्ट भेजी गई है। जिला स्तर पर एसीएमओ डा.एसपी सिंह के नेतृत्व में टीम बनी है।
यह टीम जांच करने के बाद रिपोर्ट दे रही है। उस रिपोर्ट को आपदा विभाग को भेजा जा रहा है। मृतक के स्वजन के खाते में चार लाख की राशि दी जा रही है। दावेदार को जांच, इलाज व मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ आधार व अन्य कागजात देने पड़ते हैं।
कोरोना संक्रमण से मरने वाले के स्वजन के आवेदन पर विभागीय पड़ताल पर भुगतान किया जा रहा है। राज्य व जिला से बाहर वाले की रिपोर्ट वरीय अधिकारी को दी जाती है। -डा. ज्ञानशंकर, प्रभारी सिविल सर्जन
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