मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से आत्मनिर्भर बन रही ग्रामीण महिलाएं, औराई और कुढ़नी में हजारों को मिला रोजगार
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना और जीविका योजना से औराई व कुढ़नी प्रखंड की हजारों ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। प्रारंभिक सहायता राशि 10,000 र ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से आत्मनिर्भर बन रही ग्रामीण महिलाएं
संवाद सहयोगी, औराई। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के माध्यम से मिली सहायता राशि 10000 से जीविका दीदीयों ने अपना-अपना काम शुरू किया है। कृष्णा जीविका महिला ग्राम संगठन हंसवारा की गुड़िया कुमारी ने बताया कि महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के लिए अपना छोटा प्रयास किया है। इसी आधार पर उन लोगों को व्यापार बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से दो लाख तक दिया जाएगा।
इधर, जीविका बीपीएम राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि लगभग 50000 से ऊपर महिलाओं का औराई प्रखंड में 10000 के लिए एंट्री हुआ है। इसमें 40000 महिलाओं के खाते में दस दस हजार रूपया भेजा जा चुका है। दो-तीन हजार महिलाओं के बैंक की समस्या थी, वह जैसे जैसे ठीक हो रहा है, वैसे उनका पैसा जा रहा है। शेष बचे हुए लोगों का भी एंट्री की जा रही है।
इन्होंने शुरू किया अपना रोजगार
योजना का लाभ मिलने पर कुछ महिलाओं ने दुकान, कुछ ने मवेशी पालन तो कुछ ने सिलाई मशीन खरीद कर छोटे रोजगार शुरू किए। रोजगार करने वालों में हंसवारा गांव स्थित चंपा समूह से भारती कुमारी, पिंकी देवी, संतोषी समूह से शोभा देवी शामिल है।
इसके अलावा ज्योति समूह से रिंकू देवी, मुन्नी देवी, कृष्णा जीविका महिला ग्राम संगठन हंसवारख से शोभा देवी, चंपा कुमारी, कृष्णा देवी, निर्मला कुमारी, उषा देवी, भारती कुमारी, आरती कुमारी, रिंकू देवी, रामरती देवी एवं कृष्णा जीविका महिला ग्राम संगठन की बिंदु कुमारी ने खुद को आत्मनिर्भर बनाया है।
जीविका योजना से गांवों में बढ़ी आत्मनिर्भरता, सैकड़ों परिवारों को मिला रोजगार
जीविका योजना ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक बदलाव की मजबूत आधारशिला बनती जा रही है। कुढ़नी प्रखंड के पकाही पंचायत सहित आसपास के गांवों में इस योजना से महिलाएं और उनके परिवार स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
जीविका के एसीईडब्ल्यू कैडर संतोष कुमार, निवासी पकाही, ने बताया कि कुढ़नी प्रखंड में जीविका योजना के तहत लगभग एक लाख लोगों ने आवेदन किया था। इनमें से करीब 90 हजार लोगों को सहायता राशि मिल चुकी है। शेष आवेदकों को भी चरणबद्ध तरीके से भुगतान किया जा रहा है।
गांव और कस्बों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ी
लाभार्थियों का कहना है कि जीविका से जुड़े रोजगार शुरू होने के बाद गांव और कस्बों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं। अब लोगों को काम के लिए बाहर जाने की मजबूरी कम हो रही है, जिससे आर्थिक जीवन में स्थिरता आई है।
पकाही पंचायत के वार्ड संख्या चार की निवासी उषा देवी, पति उपेन्द्र ठाकुर, शहीदा खातून, पति मोहम्मद नौशाद समेत इसी पंचायत की कुमारी वीणा रानी, पति चनरदीप दास ने अपना स्वयं का रोजगार शुरू किया है।
अधिकारी का बयान इस संबंध में प्रखंड परियोजना प्रबंधक सुधीर कुमार रोय ने बताया कि जीविका योजना के तहत कुढ़नी प्रखंड में महिलाओं और ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार से जोड़ने का कार्य निरंतर किया जा रहा है।
स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से किराना दुकान, पशुपालन, मुर्गी पालन सहित विभिन्न गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया है।

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