विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar News : अब कॉलेजों में नहीं बनेंगे मैट्रिक-इंटर परीक्षा केंद्र, शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, वजह आई सामने

By Jagran NewsEdited By: Sanjeev Kumar
Published: Sun, 10 Mar 2024 08:49 AM (IST)

Bihar News Today बिहार के शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षा के सेंटर में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। ...और पढ़ें

अब डिग्री कॉलेजों में नहीं बनेंगे मैट्रिक-इंटर परीक्षा केंद्र (जागरण)
अब डिग्री कॉलेजों में नहीं बनेंगे मैट्रिक-इंटर परीक्षा केंद्र (जागरण)

HighLights

  1. कालेजों में नहीं बनेंगे मैट्रिक व इंटर परीक्षा केंद्र
  2. माध्यिमक शिक्षा निदेशक जारी किया आदेश
  3. परीक्षा केंद्रों की सूची बोर्ड के साथ-साथ विभाग को भेंजे

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Bihar News: इंटमीडिएट और मैट्रिक की परीक्षा का केंद्र अब कालेजों में नहीं बनाया जाएगा। इसकी जगह दूसरे केंद्रों की तलाश करने को कहा गया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक कन्हैया प्रसाद श्रीवास्तव ने जिला शिक्षा अधिकारी को इसकी तैयारी शुरु करने को कहा है। आगामी मैट्रिक व इंटर परीक्षा में छात्रों के बैठने की समस्याएं के अलावा उपस्कर की भी कमी होगी।

यह 2024-25 की परीक्षा पर होगा लागू

माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र 2024-25 से आयोजित की जाने वाली वार्षिक इन्टरमीडिएट / माध्यमिक परीक्षा एवं अन्य परीक्षाओं के लिए डिग्री महाविद्यालयों (अंगीभूत एवं संबद्ध) को परीक्षा केन्द्र नहीं बनाये जाने का निर्णय लिया गया है।

यह वजह आई सामने

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने कहा कि 2025 में आयोजित की जाने वाली 10वीं (मैट्रिक) एवं 12वीं (इन्टरमीडिएट) वार्षिक परीक्षा एवं अन्य परीक्षाओं के लिए परीक्षा केन्द्र निर्धारण उसी विद्यालय में किया जाय, जिसमें पर्याप्त आधारभूत संरचना हो, ताकि परीक्षाओं के दौरान कक्षा-नौ एवं 11वीं का वर्ग संचालन हो सके। परीक्षा केन्द्रों की औपबंधिक सूची का चयन कर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के साथ-साथ विभाग को भी उपलब्ध कराया जाय।

परीक्षा संचालन एवं वर्ग संचालन साथ-साथ हो सके इसके लिए आधारभूत संरचना में विकास करने की आवश्यकता हो तो अविलम्ब कार्य प्रारंभ कर पूर्ण कराया जाए। भले ही विभाग की ओर से यह फैसला लिया गया है। लेकिन परीक्षा केंद्रों के लिए बड़ी समस्या उत्पन्न होगी।

क्योंकि प्रतिवर्ष छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ रही है। डिग्री कालेज को केंद्र नहीं बनाने की वजह से शिक्षा विभाग को काफी परेशानी होगी। दूसरी ओर छात्रों को भी परेशान होना पड़ेगा, क्योंकि परीक्षा केंद्रों को ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ाया जाएगा। अबकी बार ग्रामीण क्षेत्र के मध्य व हाई स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाए जाने की संभावना है।

यह भी पढ़ें

Prashant Kishor: बिहार सरकार में 'लूट' का सबसे बड़ा डिपार्टमेंट कौन है? प्रशांत किशोर ने दिया जवाब, भड़केगी JDU

Bihar Politics: भाजपा के इस आखिरी 'दांव' में फंस सकती है RJD, लालू का MY भी हो सकता है फेल; शाह करेंगे खेला