Bihar Air Quality: बिहार में मानसून के बाद बढ़ने लगा प्रदूषण का ग्राफ, पिछले तीन दिनों के AQI ने बढ़ाई चिंता
बिहार में मानसून की विदाई के बाद प्रदूषण का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। कई जिलों में एक्यूआई ने चिंता बढ़ा दी है। मुजफ्फरपुर में बीते दिनों से एक्यूआई लगातार बढ़ रहा है। जिला स्कूल का एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 177 पर पहुंच गया। वहीं एमआईटी में यह 186 एवं समाहरणालय परिसर में 177 मापा गया। AQI येलो जोन में आ गया है।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Bihar Air Pollution मानूसन की विदाई व ठंड की दस्तक के बीच शहर के प्रदूषण का ग्राफ बढ़ने लगा है। यह इसलिए कि अब सड़कों पर धूल उड़ने लगी है। हल्के कुहासे में धूलकण के मिलने से प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। पिछले तीन दिनों में शहर के प्रदूषण का ग्राफ येलो जोन में आ गया है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को जिला स्कूल का एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 177 पर पहुंच गया। वहीं, एमआईटी में यह 186 एवं समाहरणालय परिसर में 177 मापा गया।
वहीं, गुरुवार को जिला स्कूल का एक्यूआई 121, एमआईटी का 157, समाहरणालय का 100 पर रहा। इससे एक दिन पहले समाहरणालय का एक्यूआई 123, एमआईटी का 90 तथा जिला स्कूल का 105 था।
प्रदूषण की छह श्रेणी
सिविल सर्जन डॉ. यूसी शर्मा ने बताया कि एक्यूआई हवा की गुणवत्ता को बताता है। यह बताता है कि हवा में किन गैसों की कितनी मात्रा घुली हुई है। हवा की गुणवत्ता के आधार पर इस इंडेक्स में छह श्रेणियां बनाई गई हैं। अच्छी, संतोषजनक, थोड़ा प्रदूषित, खराब, बहुत खराब और गंभीर।
उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे हवा की गुणवत्ता खराब होती जाती है, रैंकिंग अच्छी से गंभीर की श्रेणी में आती जाती है।
इस तरह से किया जाता आकलन
- 0-50 के बीच एक्यूआई का मतलब अच्छा यानी वायु शुद्ध है
- 51-100 के बीच मतलब वायु की शुद्धता संतोषजनक
- 101-200 के बीच मध्यम
- 201-300 के बीच खराब
- 301-400 के बीच बेहद खराब
- 401 से 500 के बीच गंभीर श्रेणी
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