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    Bihar News : शिक्षा विभाग में KK Pathak का एक और इफेक्ट, हजारों शिकायतों पर बिहार सरकार ने लिया एक्शन

    Bihar News बिहार में शिक्षा व्यवस्था सुधरती नजर आ रही है। शिक्षा विभाग में मिल रही शिकायतों पर अब ताबड़तोड़ एक्शन लिया जा रहा है। विभाग में केके पाठक की नियुक्ति के बाद से अब तक पांच हजार से ज्यादा शिकायतों पर कार्रवाई की जा चुकी है। संबंधित शिकायतों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा जा रहा है।

    By Dina Nath SahaniEdited By: Yogesh SahuUpdated: Sat, 14 Oct 2023 01:18 PM (IST)
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    शिक्षा विभाग में KK Pathak का एक और इफेक्ट, हजारों शिकायतों पर बिहार सरकार ने लिया एक्शन

    दीनानाथ साहनी, पटना। Bihar News : राज्य में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों पर सरकार खूब एक्शन ले रही है। दो माह पहले शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के आदेश पर स्थापित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर ने वो काम कर दिखाया, जो महकमे में तैनात अफसरों और कर्मचारियों की फौज नहीं कर सकी।

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    इस सेंटर में 60 से ज्यादा कंप्यूटर और उसके साथ इंटरनेट समेत साफ्टवेयर सिस्टम काम कर रहा है। इसके माध्यम से सभी जिला एवं प्रखंड मुख्यालय में संचालित शिक्षा कार्यालयों में आए जनशिकायतों पर नजर रखी जा रही है।

    इससे 5095 मामलों को निष्पादित किया गया। संबंधित मामलों के निष्पादन में जो पदाधिकारी और कर्मचारी लापरवाह साबित हो रहे हैं, उनसे स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। इससे पदाधिकारी व कर्मचारी सकते हैं।

    ऐसे काम कर रहा कमांड सेंटर

    मुख्यालय के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के अंतर्गत सभी 38 जिलों के लिए एक-एक कॉल सेंटर काम कर रहा है। राज्य के किसी भी जगह से कोई भी शिक्षक, अभिभावक और छात्र अपनी समस्या या शिकायत कॉल सेंटर के फोन पर कर सकता है।

    उनकी समस्या या शिकायत को कॉल सेंटर में बैठा आपरेटर उसी समय टाइप करके और उसे कंप्यूटर के साइट पर अपलोड करके मुख्यालय के संबंधित अफसर को आनलाइन ट्रांसफर कर देता है।

    फिर वो अफसर शिकायत को देखता है और उसी पर नोटिंग करके संबंधित जिलाधिकारी, उप विकास आयुक्त, प्रमंडलीय आयुक्त, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी को भेज देता है।

    इसमें यह हिदायत होती है कि इतने दिन के अंदर उक्त मामले को निष्पादित करके इसी साइट पर ट्रांसफर करें। यदि मामले का निष्पादन नहीं हुआ तो उसका कारण स्पष्ट करें।

    वह भी इस शर्त के साथ कि तय समय-सीमा में मामले को निष्पादित कर कमांड सेंटर को सूचित करें। इसकी मानीटरिंग भी हो रही है।

    इस सख्ती का लाभ यह हुआ कि दो माह के अंदर इस प्रक्रिया के तहत 7,263 मामले शिक्षा विभाग के पास आए हैं, जिस पर त्वरित कार्रवाई की गई है।

    हालांकि, इसमें 2168 मामले प्रखंड व जिला स्तर पर लंबित हैं जिसे त्वरित निष्पादन करने का आदेश दिया गया है।

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    सर्वाधिक शिकायतें

    शिक्षकों के वेतन, पेंशन, विद्यालयों में पठन-पाठन, मध्याह्न भोजन, पेयजल एवं शौचालय की कुव्यवस्था और आधारभूत संरचना में गड़बड़ी से जुड़े मिल रहे। कमांड सेंटर में एकबार में 34 शिकायतें सुनने की व्यवस्था है।

    इन जिलों से सर्वाधिक शिकायतें

    मुजफ्फरपुर 456
    पटना 557
    गया 345
    नालंदा 342
    नवादा 312
    भागलपुर 345
    सहरसा 212
    मधेपुरा 344
    सुपौल 232
    मधुबनी 412
    पूर्वी चंपारण 435
    दरभंगा 377
    बक्सर 187

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