बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में रिजल्ट सुधार के नाम पर छात्र से ठगी
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में स्नातक छात्र गोल्डन खान से रिजल्ट सुधार के नाम पर 1300 रुपये की ठगी हुई। जीएस पेपर में प्रमोट हुए छात्र को बिचौलिए ने अं ...और पढ़ें

यह तस्वीर जागरण आर्काइव से ली गई।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में रिजल्ट सुधार के नाम पर स्नातक के छात्र से पैसा वसूले जाने का मामला सामने आया है। टीडीसी पार्ट थर्ड के छात्र से एक बिचौलिए ने रिजल्ट में सुधार कर अंकपत्र दिए जाने का झांसा देकर 1300 रुपये ठग लिए।
पैसा देने के बाद छात्र जब उस बिचौलिए को फोन करता तो उसने काल नहीं उठाया। बाद में उसका नंबर आफ बताने लगा। सोमवार को छात्र परेशान होकर विश्वविद्यालय पहुंचा। उसने परीक्षा नियंत्रक से पहुंचकर घटना की शिकायत की। छात्र ने परीक्षा नियंत्रक को बिचौलिए के खाते में भुगतान की गई राशि का स्क्रीनशाट और अन्य विवरण भी दिखाए।
छात्र ने परीक्षा नियंत्रक को अपना आवेदन सौंपकर जल्द से जल्द रिजल्ट सुधार कराने का अनुरोध किया। छात्र ने कहा कि 10 जनवरी तक अगर रिजल्ट सुधार नहीं होता है तो पीजी में आवेदन की प्रक्रिया से वंचित हो जाएगा। विश्वविद्यालय की ओर से तीन दिनों में परिणाम सुधारने का आश्वासन दिया गया है।
जीएस में प्रमोट हो गया था छात्र
छात्र गोल्डन खान ने बताया कि उसने पीयूपी कालेज मोतिहारी में स्नातक कोर्स में नामांकन लिया। सत्र 2021 - 24 के तहत उसने टीडीसी पार्ट थर्ड की परीक्षा 2024 में दी। पार्ट थर्ड के सभी पेपर में वह उत्तीर्ण हो गया। जीएस में वह प्रमोट हो गया। इस कारण उसका रिजल्ट रूक गया।
इस बीच छात्र ने आरटीआई के तहत उत्तर पुस्तिका की छाया प्रति मांगी। छात्र को विश्ववास था कि उसे जीएस में कम अंक मिले हैं। इसी बीच छात्र को एक बिचौलिए ने काल कर उसे जल्द से जल्द काम कराने का झांसा दिया। उसने खुद को विश्वविद्यालय से जुड़ा होने की बात कहते हुए काम के बदले पैसे मांगे। छात्र ने उसे 1300 रुपये का भुगतान किया। कुछ समय बाद जब छात्र ने उसे काल किया तो संपर्क नहीं हो सका। उसके बाद उसका मोबाइल बंद आने लगा।
झांसे में नहीं आएं, सीधे कार्यालय आएं
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डा. राम कुमार ने कहा कि छात्र ने शिकायत की है। उन्होंने कहा कि छात्रों को बिचौलिए के झांसे में फंसने की जरूरत नहीं है। रिजल्ट से लेकर किसी भी समस्या के लिए वे सीधे- सीधे परीक्षा नियंत्रक के कार्यालय में पहुंचे। वे खुद छात्र-छात्राओं से आवेदन लेकर प्राथमिकता के आधार पर उनका निपटारा करते हैं। छात्र अपना आवेदन और आवश्यक दस्तावेज के साथ सीधे उन्हें आवेदन जमा कराएं।
पेंडिंग क्लियर कराने के लिए कर रहे फोन
स्नातक से लेकर पीजी के रिजल्ट में पेंडिंग की समस्या को दूर करने के लिए भी बिचौलिए सक्रिय हैं। वे छात्र-छात्राओं को विश्वविद्यालय कर्मचारी बताकर काल करते हैं। इसके एवज में वे विद्यार्थियों से पैसे की शिकायत करते हैं। परीक्षा नियंत्रक को सोमवार को इसकी शिकायत मिली है।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।