Munger News: सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की कवायद तेज, इसी वर्ष शुरू होगा पहला सत्र; 4 विषयों की होगी पढ़ाई
जमालपुर स्थित इरिमी को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जा रहा है। रेल मंत्रालय का लक्ष्य 2026 तक पहला शैक्षणिक सत्र शुरू करना है, हालांकि कुछ कोर्स इसी वर्ष ...और पढ़ें

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की कवायद तेज, इसी वर्ष शुरू होगा पहला सत्र
केएम राज, जमालपुर (मुंगेर)। जमालपुर स्थित भारतीय रेलवे यांत्रिक एवं विद्युत इंजीनियरिंग संस्थान (इरिमी) को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की कवायद तेज कर दी गई है। रेल मंत्रालय की ओर से वर्ष 2026 में नामांकन प्रक्रिया पूरी कर पहला शैक्षणिक सत्र शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे हर हाल में पूरा करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
इसके लिए आधारभूत संरचना, पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की खास बात यह होगी कि यहां रेलवे कर्मियों के साथ-साथ आम युवा भी पढ़ाई कर सकेंगे। गैर रेल कर्मियों को भी प्रवेश परीक्षा के माध्यम से दाखिला लेने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय सहित राज्य और देश के युवाओं को उच्च तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करने का मंच मिलेगा।
यहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर निकलने वाले युवा अपने कौशल के बल पर देश-विदेश के प्रतिष्ठित सरकारी और निजी संस्थानों में रोजगार पाने में सक्षम होंगे। बीते दिन पूर्व रेलवे की गति शक्ति विश्वविद्यालय के कुलपति जमालपुर पहुंचे थे। उन्होंने संस्थान का निरीक्षण कर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान
उन्होंने पाठ्यक्रम की गुणवत्ता, आधुनिक मशीनों की उपलब्धता और प्रशिक्षण की व्यावहारिक उपयोगिता पर विशेष जोर दिया। कुलपति ने कहा कि यह सेंटर भविष्य में रेलवे ही नहीं, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र के लिए भी कुशल मानव संसाधन तैयार करेगा।
चार कोर्स होंगे संचालित
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तहत चार प्रमुख तकनीकी कोर्स संचालित किए जाएंगे। इनमें वेल्डिंग, हाइड्रोलिक, मेटाट्रानिक्स और न्यूमेटिक्स विषय शामिल हैं। इन कोर्सों में आधुनिक तकनीक, मशीनों और उपकरणों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि छात्र व्यावहारिक अनुभव के साथ उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार हो सकें। प्रशिक्षण के दौरान थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू होने से जमालपुर और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को बड़ा लाभ मिलेगा। इससे एक ओर जहां तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर बेरोजगारी की समस्या से निपटने में भी मदद मिलेगी। संस्थान में पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्रों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
मील का पत्थर होगा साबित
इरिमी को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की यह पहल न केवल रेलवे के लिए मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि मुंगेर जिले को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान भी दिलाएगी। 2026 से पहला सत्र शुरू होने के साथ ही जमालपुर देश के प्रमुख तकनीकी प्रशिक्षण केंद्रों में शुमार होने की दिशा में अग्रसर होगा।
बता दें कि, 2025 के मई माह में सांसद सह केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव को लेकर रेल कारखाना पहुंचे थे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने आम युवाओं के लिए इरिमी को सेंटर ऑफ एक्सीलेेंसस के रूप में इरिमी को विकसित करने की बात कही थी, इस पर रेलमंत्री ने 2026 से पढ़ाई शुरू कराए जाने की घोषणा की थी।
इरिमी जमालपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनना है जिसकी तैयारी जोर-शोर पर चल रही है। संभवत इसी वर्ष कोर्स शुरू हो जाएगा। इसे लेकर बड़े स्तर पर मास्टर प्लान बनाया जा रहा है रेलवे बोर्ड से कई विशेषज्ञों की टीम यहां पहुंच कर निरीक्षण कर चुकी है। भारत सरकार का यह ड्रीम प्रोजेक्ट है, इसलिए किसी भी तरह का चूक नहीं हो इसलिए जल्द ही इसे मूर्त रूप दिया जाएगा। - अनिमेष कुमार सिन्हा, महानिदेशक, इरिमी

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