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    छठी मैया की महिमा अपरंपार, अर्घ्य के लिए गंगा में नाव से बना दिया पुल; ग्रामीणों का साहस और उत्साह देखकर सभी दंग

    Munger News किसी ने सही ही कहा है कि छठी मैया की महिमा अपरंपार है। छठ पूजा बिहार के लिए कितना महत्व रखती है इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि ग्रामीणों ने गंगा में नाव से पुल बना दिया। अब व्रतियों को भगवान भास्कर को अर्घ्य देने में दिक्कत नहीं होगी। बड़ी-बड़ी नाव का जोड़ कर पुल तैयार किया गया है।

    By Jagran NewsEdited By: Aysha SheikhUpdated: Sun, 19 Nov 2023 02:26 PM (IST)
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    छठी मैया की महिमा अपरंपार, अर्घ्य के लिए गंगा में नाव से बना दिया पुल

    जागरण संवाददाता, मुंगेर। छठी मैया की महिमा अपरंपार है। व्रतियों को भगवान भास्कर को अर्घ्य देने में दिक्कत नहीं हो इसके लिए ग्रामीणों ने गंगा में नाव से पुल बना दिया। पुल बनाने में ग्रामीणों को तीन दिन लग गए।

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    दरअसल, सदर प्रखंड स्थित मोहली पंचायत की टिकारपुर चंडी गंगा घाट में कटाव और पानी गरहाई होने के कारण ग्रामीण और युवाओ ने गंगा पार सूखे स्थान तक गंगा में बड़ी-बड़ी नाव का जोड़ कर पुल तैयार कर दिया।

    ग्रामीणों ने इसके लिए आसपास इलाके से बड़ी-बड़ी नाव को मंगवाए थे। एक-दूसरे नाव को गंगा में रस्सी से जोड़ दिया। इसके बाद नाव पर चलने वाले लोगों के लिए नाव में बांस की चचरी बनाकर उस पर बालू डाल दिया।

    तीन दिनों से दिन-रात कड़ी मेहनत कर ग्रामीणों ने यह काम पूरा किया। ग्रामीणों की सुविधा को लेकर नाव और गंगा घाटों पर लाइटिंग की व्वयस्था की गई है ताकि अंधरे में किसी तरह छठ व्रतियों को दिक्कत नहीं हो।

    भीड़ नियंत्रण के लिए दोनों तरफ युवा तैनात

    गंगा दोनों छोर पर ग्रामीणों ने युवकों को तैनात किया है। नाव से बने पुल पर भीड़ ज्यादा नहीं हो इसके सुरक्षा के लिहाज से यह निर्णय लिया गया है। ग्रामीणों ने बताया की छठ महापर्व पर इस गंगा घाट में पांच हजार लोग हर वर्ष अर्घ्य देते हैं।

    खतरनाक घाट घोषित होने पर ग्रामीण आए आगे

    ग्रामीण ज्वाला सिंह, विधान, संतोष कुमार सहित अन्य ने बताया कि इस बार गंगा गांव किनारे गंगा में कटाव के साथ गहराई के कारण जिला प्रसाशन ने इस बार गंगा घाट को खतरनाक घाट घोषित कर दिया था। इस कारण इस वर्ष व्रतियों को कई किलोमीटर दूर पैदल चलकर छठ करना पड़ता।

    इसलिए हम ग्रामीणों ने गंगा के बीच बालू के टीले जाने के लिए और छट वर्ती की समस्या ना हो इसको लेकर गंगा में नाव का पुल बना दिया जिससे की छठ व्रती अपने परिवार के साथ गंगा के पार जाकर छठ कर सके। उन्होंने कहा की गांव में नाव का पुल बनाने के लिए 22 बड़े-बड़े नाव आसपास इलाके से मंगवाए गए।

    प्रशासन की सुने

    मामले की जानाकरी मिलने के बाद सदर अनुमंडल पदाधिकारी, एसडपीओ राजेश कुमार टिकारामपुर चंडी गंगा घाट पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि आप लोग सतर्कता से पर्व को पूरा करें। इसकी पूरी जिम्मेवारी आप लोगों की है।

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