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    सूबे का पहला शिल्पग्राम मधुबनी के जितवारपुर में, 9 करोड़ से बदलेगी गांव की तस्वीर

    By Rajesh Ranjan Edited By: Ajit kumar
    Updated: Mon, 05 Jan 2026 05:51 PM (IST)

    मधुबनी के जितवारपुर में बिहार का पहला शिल्पग्राम 9 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। इसके लिए 3.60 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी हो चुकी है। ...और पढ़ें

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    टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कमेटी की निगरानी में होगा काम। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, मधुबनी। Madhubani Painting Village:मधुबनी जिले के जितवारपुर गांव में सूबे का पहला शिल्पग्राम विकसित किया जाएगा। इसके लिए विकासात्मक कार्य शीघ्र शुरू होंगे। गांव को शिल्पग्राम के रूप में विकसित करने पर कुल करीब 9 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

    इस परियोजना के लिए पहली किस्त के रूप में 3.60 करोड़ रुपये की राशि कार्यकारी एजेंसी को जारी कर दी गई है।शिल्पग्राम निर्माण के लिए क्राफ्ट म्यूजियम पटना को कार्यकारी एजेंसी बनाया गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद विकास कार्य शुरू होंगे।

    तय समयसीमा के भीतर गांव का समग्र कायाकल्प किया जाएगा। शिल्पग्राम बन जाने के बाद जिले के 10 हजार से अधिक मधुबनी पेंटिंग कलाकारों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से लाभ मिलेगा।

    इस परियोजना से कलाकारों को उनकी कला का उचित मूल्य मिलेगा। लंबे समय से मधुबनी पेंटिंग पर बिचौलियों का प्रभाव रहा है, लेकिन शिल्पग्राम बनने के बाद कलाकार सीधे बाजार और पर्यटकों से जुड़ सकेंगे।

    इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और पारंपरिक कला को वैश्विक पहचान मिलेगी। विदेशी पर्यटकों के आगमन से स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

    कार्यालय विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) के सहायक निदेशक बीके झा ने बताया कि वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार से जितवारपुर को शिल्पग्राम के रूप में विकसित करने की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है।

    परियोजना को गति देने के लिए पहली किस्त जारी कर दी गई है। कार्यकारी एजेंसी और विभाग के बीच बैठक भी हो चुकी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

    निगरानी कमेटी करेगी कार्यों की देखरेख

    शिल्पग्राम में होने वाले सभी विकास कार्यों की निगरानी के लिए एक विशेष समिति गठित की जाएगी। इस निगरानी कमेटी में विभिन्न स्तर के पदाधिकारी शामिल होंगे। साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को भी समिति का सदस्य बनाया जाएगा, ताकि निर्माण कार्य पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से हो सके।

    पर्यटकों का स्वागत करेगा भव्य प्रवेश द्वार

    शिल्पग्राम जितवारपुर में भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण किया जाएगा, जो पर्यटकों का स्वागत करेगा। इसके अलावा गांव में आर्ट गैलरी, म्यूजियम, गेस्ट हाउस, शिल्प विकास केंद्र, लाइब्रेरी और आधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा।

    परियोजना के तहत गांव में 100 स्ट्रीट लाइट, वर्कशेड, कैफेटेरिया, ऑडिटोरियम, उन्नत स्कूल, हाईटेक लाइब्रेरी और सरकारी तालाबों का सौंदर्याकरण किया जाएगा। तालाबों में नौकायन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही गांव के घरों का बाहरी स्वरूप भी आकर्षक बनाया जाएगा।

    कहते हैं अधिकारी

    बीके झा ने कहा कि शिल्पग्राम जितवारपुर के विकास के लिए पहली किस्त जारी हो चुकी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। यह परियोजना मधुबनी पेंटिंग और स्थानीय कलाकारों के लिए मील का पत्थर साबित होगी।