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    देश में बड़े सट्टेबाजों पर लगाम, फिर मधुबनी के जयनगर में गली-गली बेखौफ लाटरी कैसे?

    By Md Ali Edited By: Dharmendra Singh
    Updated: Thu, 01 Jan 2026 05:32 PM (IST)

    बिहार में लाटरी पर प्रतिबंध के बावजूद, मधुबनी के जयनगर में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध लाटरी का धंधा फल-फूल रहा है। प्रतिदिन 30- ...और पढ़ें

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    जयनगर में लाटरी बेचने वाले की तस्वीर।

    संवाद सहयोगी, जयनगर मधुबनी। राज्य में लाटरी के प्रतिबंध होने के बावजूद सीमावर्ती जयनगर जयनगर में शहरी से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के चौक चौराहा पर चाय पान की तरह लाटरी का दुकान चल रहा है। प्रतिबंधित लाटरी के धंधे को रोकथाम करने में प्रशासन विफल है।

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    सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रतिदिन लाखों का कारोबार राजनेताओं और सफेदपोश के संरक्षण में किया जा रहा है। रोजगार के आभाव को लेकर एक दिन में लाखपति बनने की चाहत ने लोगों को घरद्वार बेचने पर मजबूर कर दिया है। लाटरी की नशे लत में धूत लोग एक दिन में एक सौ से लेकर पांच सौ हजार रुपये तक की लाटरी की खरीदारी करते हैं।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार  सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रत्येक दिन करीब तीस से चालीस लाख रुपये की लाटरी का धंधा लाटरी कारोबार के द्वारा किया जाता है।  सूत्रों ने बताया कि जयनगर में लाटरी के पांच थौक विक्रेता है। जिसका धंधा स्टेशन रोड किराना मार्केट महावीर चौक, सहारा इंडिया बैंक चौक, मीनी बस स्टैंड, शहीद चौक, स्टेशन चौक पर दुकान के साथ कार्यालय और घरों से धंधा संचालित करता है।

    मधुबनी जिला मुख्यालय के एक लाटरी के थौक कारोबारी द्वारा इन लोगों को लाटरी प्रतिदिन उपलब्ध कराया जाता है। जहां से छोटे छोटे फ़ुटपाथ दुकान पर पहुंचा कर बेचा जाता है। सूत्रों ने बताया कि थौक विक्रेता के द्वारा दिल्ली, दरभंगा, मधुबनी एवं पंडौल, राजनगर में लाटरी को प्रिंट करा कर जयनगर पहुंचा कर खुदरा विक्रेताओं को दिया जाता है।

    बता दें कि बिहार में लाटरी के बिक्री पर प्रतिबंध  है। बावजूद जयनगर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में सफेदपोश और प्रशासनिक साठगांठ से लाटरी का धंधा फल फूल रहा है। लाटरी का इस्तेमाल करने वाले लोगों को शराब से अधिक नशा होता है। लखपति बनने की चाहत में लोग दिनों दिन कंगाल हो रहे हैं।

    सूत्रों ने बताया कि जयनगर समेत आसपास के क्षेत्रों में प्रत्येक दिन करीब तीस से चालीस लाख रुपये की लाटरी की बिक्री होती है। प्रत्येक दिन तीन ड्रा किया जाता है पश्चिम बंगाल और नागालैंड स्टेट नामक लाटरी के नाम पर धंधेबाजो के द्वारा उसी दिन ड्रा करा कर रिजल्ट घोषित करता है।

    ड्रा की अवधि दोपहर 1 बजे शाम 6 बजे एवं रात 8 बजे होता है। ड्रा करने के बाद लोगों को रिजल्ट बताया है। इस मामले में पूछे जाने पर एसडीपीओ राघव दयाल ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है  जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।