लखीसराय। सूर्यगढ़ा प्रखंड के अलीनगर पंचायत अंतर्गत पोखरामा गांव स्थित सूर्य मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है। 1,200 वर्ग फीट में बना भगवान भास्कर के भव्य मंदिर की नींव गांव के ही सेवानिवृत्त बैंक पदाधिकारी रामकिशोर ¨सह ने 02 अप्रैल 2000 को रखी थी। 11 मई 2006 को भव्य मंदिर का निर्माण कर प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की गई थी। प्रखंड मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर एनएच 80 से फिर ग्रामीण पथ से वहां पहुंचा जा सकता है। किऊल-जमालपुर रेलखंड के कजरा रेलवे स्टेशन से पांच किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में यह सूर्य मंदिर स्थित है। यह मंदिर बिहार में अपने आप में अनूठा सूर्य पंचायतन मंदिर है जिसका मुख्य-द्वार पूरब की ओर है। सूर्य यहां पंच देव एक साथ विराजमान हैं। मंदिर के गर्भगृह में सात अश्वों के साथ रथ पर सवार भगवान सूर्यदेव की कीमती व सात सौ किलोग्राम के उजले पत्थर की प्रतिमा स्थापित है। इसान कोण में भगवान शिव, अग्नेय कोण में भगवान गणेश, नेऋत्य कोण में भगवान विष्णु के अलावा वायव्य कोण में मां दुर्गा विराजमान हैं। प्राचीन काल में सूर्यगढ़ा में कभी सूर्यवंशी राजाओं का शासन था। यहां निवास करने वाले सूरजा संप्रदाय के लोग प्रतिदिन नदी या तालाब में स्नान कर भगवान सूर्यनारायण को जल अर्पित करते थे। वहीं दूध की पहली धार चढ़ाते थे। जमीन के अंदर इसके इतिहास अब भी दफन है। इस मंदिर के निर्माण के बाद यह स्थल सूर्य उपासना का प्रमुख केंद्र बन गया है। मंदिर के बगल में ही विशाल तालाब है। इस कारण छठ के समय यहां काफी भीड़ जुटती है।

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