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    अगुवानी उत्तरवाहिनी गंगा घाट को पर्यटन स्थल बनाने की मुहिम तेज, महासेतु से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 10:49 AM (IST)

    खगड़िया के अगुवानी स्थित उत्तरवाहिनी गंगा घाट को पर्यटन स्थल बनाने की मुहिम तेज हो गई है। महासेतु निर्माण से क्षेत्र की तस्वीर बदलने और केले की खेती क ...और पढ़ें

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    अगुवानी उत्तरवाहिनी गंगा घाट

    संवाद सूत्र, परबत्ता (खगड़िया)। गंगा पवित्र नदी मानी जाती है। इसमें उत्तरवाहिनी गंगा का खास महत्व है। खगड़िया के अगुवानी होकर उत्तरवाहिनी गंगा प्रवाहित होती है। इसलिए अगुवानी गंगा का अपना महत्व है। यहां खगड़िया समेत संपूर्ण कोसी क्षेत्र से लोग समय-समय पर गंगा स्नान को आते हैं। माघी पूर्णिमा पर यहां मेला लगता है। 

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    सावन के मौसम में बड़ी संख्या में कांवरिये अगुवानी गंगा पार कर अजगैवीनाथ धाम पहुंचते हैं। और वहां से जल भरकर वैद्यनाथधाम को रवाना होते हैं। अगुवानी गंगा से जल भरकर कांवरिये सिंहेश्वरस्थान, तिलहेश्वरस्थान, बाबा फुलेश्वरस्थान आदि पहुंचकर भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित करते हैं। 

    गंगा नदी पर महासेतु का निर्माण 

    अभी अगुवानी-अजगैवीनाथ धाम के बीच गंगा नदी पर महासेतु का निर्माण हो रहा है। इस महासेतु के बनने बाद इलाके की तस्वीर बदल जाएगी। मालूम हो कि खगड़िया जिला का परबत्ता व गोगरी प्रखंड केले की खेती को लेकर प्रसिद्ध है। केला, प्रधानमंत्री एक जिला एक उत्पाद में भी शामिल है। इस महासेतु के बनने बाद केले की खेती और व्यवसाय को बल मिलेगा। 

    इधर उत्तरवाहिनी अगुवानी गंगा घाट को पर्यटन स्थल एवं पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किए जाने को लेकर युवाओं ने मुहिम चला रखी है। इस मुहिम का उद्देश्य सरकार का ध्यान अगुवानी गंगा घाट की ऐतिहासिक, आध्यात्मिक एवं प्राकृतिक महत्ता की ओर आकर्षित कराना है। 

    भारतीय परंपरा में उत्तरवाहिनी गंगा का खास महत्व

    मुहिम से जुड़े पंडित कृष्णकांत झा कहते हैं कि भारतीय परंपरा में उत्तरवाहिनी गंगा का खास महत्व है। अगुवानी उत्तरवाहिनी गंगा है। यहां गंगा स्नान को दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। यदि इस घाट का समुचित विकास किया जाए, तो यह एक प्रमुख तीर्थ स्थल बन सकता है। पर्यटन की दृष्टि से भी क्षेत्र के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। 

    युवाओं ने सरकार से घाट की साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने, पक्की सीढ़ियों का निर्माण, स्नान घाट का निर्माण, प्रकाश व्यवस्था आदि की मांग की है। साथ ही इसे पिकनिक स्पाट के रूप में विकसित कर यहां आने वाले पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। 

    खगड़िया की आर्थिकी को मजबूती मिलेगी

    अर्थशास्त्री डॉ. अनिल ठाकुर कहते हैं कि अगुवानी गंगा घाट के कायाकल्प की जरूरत है। इसे आध्यात्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने से खगड़िया की आर्थिकी को मजबूती मिलेगी। मुहिम में डॉ. अविनाश, कृष्णकांत झा, रजनीश कुमार मिश्रा, सतीश मिश्रा, आनंद, सुमित झा, मुकुंद कुमार, कुंदन, पीके झा, रविशंकर, नागमणि आदि महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन सभी ने कहा कि, मुहिम को मंजिल तक पहुंचाएंगे।