विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar Politics: इस विधानसभा सीट पर जीत किसी की भी हो, राजनीतिक धुरी हमेशा कांग्रेस ही रही

Published: Thu, 04 Sep 2025 11:57 AM (IST)

कटिहार के कोढ़ा विधानसभा सीट पर कभी भोला पासवान शास्त्री का दबदबा था जो कांग्रेस की राजनीति का केंद्र रही। ...और पढ़ें

14 चुनावों में सात बार कांग्रेस ने लहराया परचम
14 चुनावों में सात बार कांग्रेस ने लहराया परचम

आशीष सिंह चिंटू, कटिहार। कभी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री का चुनाव क्षेत्र रहा कोढ़ा विधानसभा सीट, लंबे समय तक कांग्रेस की राजनीति की धुरी बनी रही है। अब भी यहां कांग्रेस-भाजपा के बीच कांटे की टक्कर चलती रहती है। यहां अब तक हुए 14 विधानसभा चुनावों में सात बार कांग्रेस को जीत मिली, जबकि सात बार वह दूसरे स्थान पर रही।

इससे स्पष्ट है कि चुनावी परिणाम भले किसी के पक्ष में रहे हों, लेकिन कोढ़ा की राजनीति का केंद्र बिंदु कांग्रेस ही रही है। हाल के वर्षों में हालांकि सत्ता के बदलते समीकरणों के बीच भाजपा ने तीन बार जीत दर्ज की है। इसके पहले, 1977 में जनता पार्टी और 1990 व 1995 में जनता दल को जीत मिली थी।

वर्ष 2000 के बाद से यह सीट कभी कांग्रेस, तो कभी भाजपा के पास रही है। वर्तमान में यह सीट भाजपा के पास है और कविता देवी यहां की विधायक हैं।

कोढ़ा विधानसभा सीट की राजनीतिक यात्रा यह बताती है कि मतदाता समय-समय पर बदलाव चाहते हैं, लेकिन कांग्रेस की जड़ें आज भी इस क्षेत्र की राजनीति में गहराई तक मौजूद हैं। आगामी चुनाव में क्या इस परंपरा को कोई चुनौती मिलती है, यह देखना दिलचस्प होगा।

दोहराई गई जीत, केवल दो दलों को मौका:

कोढ़ा के मतदाताओं ने अब तक केवल दो दलों-कांग्रेस व जनता दल को लगातार दो बार जीत का अवसर दिया है। 1980 व 1985 में कांग्रेस के विश्वनाथ ऋषि, 1990 व 1995 में जनता दल के सीताराम दास व 2005 में कांग्रेस की सुनीता देवी ने चुनाव और उपचुनाव दोनों में जीत दर्ज की।

भोला शास्त्री और सीताराम दास को तीन-तीन बार मिला जनादेश:

1967 में कांग्रेस से भोला पासवान शास्त्री पहली बार विधायक बने। 1969 में लोकतांत्रिक कांग्रेस से और 1972 में पुनः कांग्रेस से उन्होंने चुनाव जीता। सीताराम दास ने 1977 में जनता पार्टी से जीत दर्ज की, इसके बाद 1990 और 1995 में जनता दल से विधायक बने।

अब तक के विजयी प्रत्याशी व उनकी पार्टी

वर्ष विजेता दल
2020 कविता देवी भाजपा
2015 पूनम कुमारी कांग्रेस
2010 महेश पासवान भाजपा
2005 (उप) सुनीता देवी कांग्रेस
2005 सुनीता देवी कांग्रेस
2000 महेश पासवान भाजपा
1995 सीताराम दास जनता दल
1990 सीताराम दास जनता दल
1985 विश्वनाथ ऋषि कांग्रेस
1980 विश्वनाथ ऋषि कांग्रेस (आई)
1977 सीताराम दास जनता पार्टी
1972 भोला पासवान शास्त्री कांग्रेस
1969 भोला पासवान शास्त्री लोक तांत्रिक कांग्रेस
1967 भोला पासवान शास्त्री कांग्रेस

यह भी पढ़ें- Bihar Politics: भाई और पत्नी को भी विधानसभा चुनाव लड़ा सकते हैं मुकेश सहनी, मांझी का दिया उदाहरण

यह भी पढ़ें- Bihar Politics: आ गई बीजेपी की सर्वे रिपोर्ट, अब सीटों को लेकर होगा फैसला; अमित शाह बनाएंगे स्ट्रैटजी