मुआवजा में देरी से फुटा किसानों गुस्सा, ठप किया बनारस-रांची-कोलकाता एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य
कैमूर जिले में भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे बनारस-रांची-कोलकाता एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य किसानों ने रोक दिया है। भूमि अधिग्रहण मुआवजे के भुगता ...और पढ़ें

ठप किया बनारस-रांची-कोलकाता एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य
संवाद सूत्र, चांद। भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे बनारस–रांची–कोलकाता एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा समय पर नहीं मिलने से नाराज किसानों ने निर्माण कार्य रोक दिया। किसानों का आरोप है कि भू-अर्जन विभाग और एनएचएआई की लापरवाही के कारण पिछले चार महीनों से मुआवजा भुगतान में लगातार देरी हो रही है।
किसान संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष विमलेश पांडेय और सचिव अनिल सिंह के नेतृत्व में किसानों ने चांद, चैनपुर, भभुआ, भगवानपुर और रामपुर प्रखंड के विभिन्न इलाकों में चल रहे एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य को ठप करा दिया।
सैकड़ों एकड़ भूमि का अधिग्रहण
आक्रोशित किसानों ने बसनी, पसाई समेत कई गांवों में काम कर रहे कर्मियों को काम बंद करने को कहा। बताया गया कि कैमूर जिले में 57 किलोमीटर से अधिक लंबी एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए सैकड़ों एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है। पहले सरकार और किसानों के बीच मुआवजे को लेकर लंबा संघर्ष चला था, जिसके बाद उचित मुआवजा देने के आश्वासन पर निर्माण कार्य शुरू किया गया।
जिलाधिकारी और किसानों के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई वार्ता में यह सहमति बनी थी कि किसानों के खातों में मुआवजा राशि स्थानांतरित करते हुए निर्माण कार्य किया जाएगा। जिलाध्यक्ष विमलेश पांडेय ने कहा कि बिना मुआवजा भुगतान के निर्माण कार्य करना पूरी तरह गलत है।
इस संबंध में कई बार जिलाधिकारी, भू-अर्जन विभाग और एनएचएआई को अवगत कराया गया, लेकिन किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।
गैर-कानूनी तरीकों का भी सहारा
उन्होंने आरोप लगाया कि एनएचएआई की अधिकृत पीएनसी कंपनी द्वारा निर्माण में गैर-कानूनी तरीकों का भी सहारा लिया जा रहा है। किसान संघर्ष मोर्चा और भारतीय किसान मजदूर यूनियन कैमूर ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र मुआवजा भुगतान नहीं किया गया, तो पूरे जिले में भारत माला परियोजना का काम पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
इसे लेकर पांच जनवरी को रामपुर प्रखंड में किसानों की एक बैठक बुलाई गई है। इस संबंध में जिला भू अर्जन पदाधिकारी ने बताया कि किसानों को मुआवजा का भुगतान किया जा रहा है। जमीन के कागजात सुधारने में कुछ समस्या आ रही है।

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