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    सरकारी कर्मी और आयकरदाता भी ले रहे थे मुफ्त राशन, रामपुर में रद होंगे 1700 कार्ड

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 02:22 PM (IST)

    रामपुर प्रखंड में जन वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए बड़ी कार्रवाई की जा रही है। 1700 से अधिक अपात्र लाभार्थियों की पहचान की गई है, जिनमें सरका ...और पढ़ें

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    मुफ्त राशन

    संवाद सूत्र, रामपुर। जन वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने और वास्तविक जरूरतमंदों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रामपुर प्रखंड में बड़ी कार्रवाई होगी। प्रखंड क्षेत्र में 1700 से अधिक अपात्र लाभार्थियों की पहचान की गई है, जो वर्षों से नियमों को दरकिनार कर मुफ्त राशन का लाभ उठा रहे थे। अब इन सभी के नाम राशन कार्ड की सूची से हटाए जाएंगे। 

    इस संबंध में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी तेजस्वी आनंद ने बताया कि राशन कार्ड को आधार से लिंक किए जाने के बाद सत्यापन प्रक्रिया को तेज किया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों के डेटाबेस से राशन कार्डधारियों के आंकड़ों का मिलान किया गया, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। 

    लाभार्थियों की सूची में सरकारी कर्मी का नाम

    जांच में पाया गया कि अपात्र लाभार्थियों की सूची में सरकारी कर्मी, आयकरदाता, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभुक, तीनपहिया व चारपहिया वाहन मालिक शामिल हैं। इसके अलावा कई ऐसे लोग भी चिह्नित किए गए हैं, जिनकी मासिक आय एक लाख रुपये से अधिक है, फिर भी वे खाद्य सुरक्षा योजना के तहत मुफ्त राशन ले रहे थे। 

    आपूर्ति विभाग द्वारा राशन कार्डधारियों के आंकड़ों का राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, परिवहन विभाग, आयकर विभाग और नागरिक पंजीकरण डेटाबेस से मिलान किया गया। इस प्रक्रिया में यह स्पष्ट हुआ कि कई लाभार्थियों के पास ढाई एकड़ से अधिक भूमि है, कुछ के नाम पर चारपहिया वाहन पंजीकृत हैं, जबकि कई लोग नियमित रूप से आयकर का भुगतान भी करते हैं। 

    पीडीएस दुकानों पर चिपका नोटिस 

    वहीं, कुछ लाभार्थी पीएम किसान योजना का लाभ लेते हुए भी राशन योजना में शामिल पाए गए। ये सभी मामले सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्रता शर्तों का उल्लंघन करते हैं। प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि चिह्नित किए गए सभी अपात्र लाभार्थियों की सूची तैयार कर प्रखंड मुख्यालय स्थित आपूर्ति कार्यालय और जनवितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों पर नोटिस चिपका दिए गए हैं। 

    संबंधित लोगों को सूचित किया गया है ताकि वे अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकें। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि कई लोगों ने राशन कार्ड बनवाते समय अपनी वास्तविक आय, संपत्ति और रोजगार से जुड़ी जानकारी छिपाई या गलत विवरण देकर कार्ड हासिल किया था। 

    अपात्र लाभार्थियों को सख्त चेतावनी

    इसके कारण लंबे समय तक अपात्र लोग योजना का लाभ उठाते रहे, जिससे वास्तविक गरीब और जरूरतमंद परिवारों के अधिकार प्रभावित हुए। तेजस्वी आनंद ने अपात्र लाभार्थियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि वे स्वेच्छा से कार्यालय में आकर अपना राशन कार्ड सरेंडर करें। 

    यदि कोई व्यक्ति ऐसा नहीं करता और जांच में अपात्र पाया जाता है, तो उसका राशन कार्ड रद करने के साथ-साथ अब तक उठाए गए राशन के समतुल्य राशि की वसूली भी की जा सकती है।