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    'ये महिलाओं के सम्मान के खिलाफ, माफ नहीं करेंगे', उत्तराखंड भाजपा के नेता के बयान पर भड़कीं श्रेयसी सिंह

    By MANIKANT MAYANKEdited By: Krishna Bahadur Singh Parihar
    Updated: Sun, 04 Jan 2026 02:54 PM (IST)

    मंत्री श्रेयसी सिंह ने उत्तराखंड के एक मंत्री पति द्वारा बिहारी महिलाओं पर दिए बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताया और ...और पढ़ें

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    बिहार की मंत्री श्रेयसी सिंह। फाइल फोटो

    संवाद सहयोगी, जमुई। बिहार सरकार की खेल एवं आईटी मंत्री श्रेयसी सिंह ने उत्तराखंड के एक मंत्री पति द्वारा बिहारी महिलाओं को लेकर दिए गए बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इस बयान को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणी महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है और इसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

    मंत्री ने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों को अपनी भाषा और शब्दों के चयन में बेहद सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही संबंधित व्यक्ति ने इंटरनेट मीडिया पर माफी मांगी हो, लेकिन वह उन्हें माफ नहीं करेंगी।

    उनका मानना है कि इस तरह के बयान समाज में गलत संदेश देते हैं और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे भविष्य में इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना भाषा का प्रयोग दोबारा नहीं किया जाएगा।

    सरकार की योजनाओं की दी जानकारी

    इस दौरान मंत्री श्रेयसी सिंह ने राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। बताया कि बिहार सरकार खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और सुविधाएं देने के लिए लगातार योजनाएं लागू कर रही है।

    नए और उभरते खिलाड़ियों के लिए जल्द ही एक स्पॉन्सरशिप पोर्टल शुरू किया जाएगा, जिसके माध्यम से खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    इस योजना के तहत एक स्तर पर तीन लाख रुपये और दूसरे स्तर पर पांच लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि “मेडल लाओ, नौकरी पाओ” जैसी योजनाओं से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा है और खेल अब करियर और रोजगार का भी मजबूत साधन बन रहा है।

    बिहार को खेल के क्षेत्र में बढ़ाया जा रहा आगे

    मंत्री ने बताया कि राज्य में खेलों के लिए आधारभूत संरचना को मजबूत किया जा रहा है। शूटिंग खेल के लिए जमुई, वाटर स्पोर्ट्स के लिए बांका सहित अन्य जिलों का चयन किया जा रहा है। इसके अलावा स्विमिंग और अन्य खेलों को भी बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा रहा है।

    एकलव्य कॉलेज योजना पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पहले प्रत्येक जिले में एक एकलव्य कॉलेज खोलने की योजना थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 68 एकलव्य कॉलेज कर दिया गया है। वर्तमान में 15 एकलव्य कॉलेज संचालित हैं और वित्तीय वर्ष के अंत तक सभी 68 कॉलेज का संचालन शुरू हो जाएगा।

    नीतीश के बेटे की राजनीति में एंट्री पर जवाब 

    सायना नेहवाल और गोपीचंद जैसे दिग्गज खिलाड़ियों से मुलाकात को लेकर मंत्री ने कहा कि कई नामी खिलाड़ी बिहार आकर खेल अकादमी खोलने में रुचि दिखा रहे हैं, जिससे राज्य के खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलेगा।

    आईटी सेक्टर पर बोलते हुए कहा कि अब तक 10 से अधिक एमओयू साइन किए जा चुके हैं और निजी निवेशक तेजी से बिहार की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इससे राज्य के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री की चर्चा पर मंत्री ने कहा कि यदि वह राजनीति में आते हैं तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को गुंडाराज से निकालकर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाया है और हर बच्चे के लिए उसके माता-पिता ही सबसे बड़े रोल माडल होते हैं।