विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jamui News: जमुई की बेटी ने UPSC में किया कमाल, 17वीं रैंक लाकर जिले का बढ़ाया मान

Published: Tue, 22 Apr 2025 04:00 PM (GMT+05:30)

यूपीएससी 2024 के परिणाम में जमुई की संस्कृति त्रिवेदी ने 17वीं रैंक हासिल कर पूरे जिले का नाम रोशन किया ...और पढ़ें

यूपीएससी 2024 में जमुई की संस्कृति त्रिवेदी ने हासिल की 17वीं रैंक
यूपीएससी 2024 में जमुई की संस्कृति त्रिवेदी ने हासिल की 17वीं रैंक

HighLights

  1. यूपीएससी 2024 में जमुई की संस्कृति त्रिवेदी ने हासिल की 17वीं रैंक
  2. शिक्षा विभाग के डीपीओ पारस कुमार ने यूपीएससी में पाई सफलता

संवाद सहयोगी, जमुई। जमुई जिले के लिए आज का दिन गर्व से भर गया, जब यूपीएससी 2024 के परिणाम में जिले की बेटी संस्कृति त्रिवेदी ने 17वीं रैंक हासिल कर पूरे जिले का नाम रोशन किया।

इस अभूतपूर्व सफलता ने न सिर्फ जमुई को ही नहीं बिहार को गौरवान्वित किया है। इस उपलब्धि के बाद संस्कृति त्रिवेदी युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

संस्कृति त्रिवेदी के पिता आनंद प्रकाश त्रिवेदी ने बताया कि उनकी बेटी शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रही है और उसने कठिन परिश्रम और अनुशासन के बल पर यह मुकाम हासिल किया है।

संस्कृति बचपन से ही बहुत होनहार और लग्नशील रही

वहीं, उनके चाचा डॉ. मिथिलेश त्रिवेदी ने कहा कि संस्कृति बचपन से ही बहुत होनहार और लग्नशील रही है। उसने कभी भी पढ़ाई में समझौता नहीं किया और हमेशा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रही।

संस्कृति की सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जमुई जिले के लिए गर्व का विषय है। उनकी इस सफलता पर जिले के लोगों में खुशी की लहर है।

संस्कृति ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को दिया है। उन्होंने कहा कि दृढ़ निश्चय और कठिन परिश्रम से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है।

यूपीएससी में पारस कुमार का 269वां रैंक

जमुई शिक्षा विभाग में कार्यरत डीपीओ पारस कुमार ने यूपीएससी की परीक्षा में सफलता पाई है। वर्तमान में पारस कुमार जमुई जिले के शिक्षा विभाग में कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना के पद पर कार्यरत हैं।

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित परीक्षा में सफल होने पर प्रसन्नता वक्त किया करते हुए पारस कुमार ने बताया कि उनका रैंक 269वां है।

शिक्षा विभाग में काम करते हुए पारस कुमार की यह उपलब्धि कई मायने रखती है। क्योंकि वर्तमान में शिक्षा विभाग में इतना वर्क लोड होने के बावजूद उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में सफलता पाई है।

उनकी सफलता पर कई शिक्षकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पारस कुमार को बधाई दी और कहा कि पारस कुमार शिक्षकों तथा विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।

मालूम होगी यूपीएससी परीक्षा की तैयारी को लेकर पारस कुमार ने अपने विभाग से दो बार छुट्टी ली थी। फिलहाल पारस कुमार की इस सफलता पर शिक्षक समुदाय तथा स्थानीय लोगों में हर्ष व्याप्त है और बधाई देने वाले लोगों का तांता लगा है।

जमुई की अधिवक्ता बेटी ईशा रानी बनी आईएएस

इसके अलावा, जमुई की बेटी ईशा रानी ने सिविल सेवा की परीक्षा में 384 वां रैंक लाकर जमुई को गौरवान्वित किया है। पेसे से अधिवक्ता रही ईशा रानी ने अपने मेहनत तथा दृढ़ संकल्प के बल पर आईएएस की परीक्षा उत्तीर्ण की है।
पिता  प्रसिद्ध नारायण सिंह वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और बेटी की सफलता पर बहुत खुशी का इजहार करते हुए कहा कि ईशा बचपन से ही पढ़ने में तेज रही है।
ईशा ने दसवीं तक की पढ़ाई जमुई डीएभी स्कूल से की थी तथा 12वीं की पढ़ाई बोकारो में की। ईशा ने ला ग्रेजुएट किया है और वह अपनी प्रैक्टिस भी कर रही है।
सिविल सेवा की परीक्षा में सफलता पाने के बाद ईशा का पूरा परिवार खुश है और बधाई देने वालों का तांता लगा है। फिलहाल जमुई जिले की दो बेटियों ने आईएएस की परीक्षा उत्तीर्ण की है। जो गौरव का विषय है।

यह भी पढ़ें-

UPSC Result 2024: यूपीएससी नतीजों मे बिहार का भी जलवा, बक्सर के हेमंत को मिली 13वीं रैंक