विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Train Accident: जमुई में मालगाड़ी हुई बेपटरी, रेल परिचालन 24 घंटे तक ठप; 34 जोड़ी ट्रेनों पर असर

By MANIKANT MAYANKEdited By: Krishna Bahadur Singh Parihar
Published: Sun, 28 Dec 2025 09:11 AM (IST)

झाझा-जसीडीह रेलखंड पर शनिवार देर रात एक मालगाड़ी के पटरी से उतरने से बड़ा हादसा हो गया। टेलवा बाजार हाल्ट ...और पढ़ें

जमुई में रेल हादसा। फाइल फोटो

जमुई में रेल हादसा। फाइल फोटो

HighLights

  1. झाझा-जसीडीह रेलखंड पर मालगाड़ी बेपटरी हुई।

  2. पुल से नदी में गिरे आधे से अधिक डिब्बे।

  3. 34 जोड़ी ट्रेनों का परिचालन बुरी तरह प्रभावित।

संवाद सूत्र, झाझा (जमुई)। शनिवार की देर रात झाझा–जसीडीह रेलखंड के टेलवा बाजार हाल्ट के समीप पुल संख्या 676 पर एक मालगाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से ट्रेनों के परिचालन पर भारी असर पड़ा है। इस रेलखंड से गुजरने वाली दर्जनों एक्सप्रेस, पैसेंजर और मालगाड़ियों के रूट बदल दिए गए हैं। लगभग 34 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनो के परिचालन पर असर पड़ा है।

देर रात अप लाइन की 22214 पटना–शालीमार दुरंतो एक्सप्रेस घंटों तक झाझा स्टेशन पर खड़ी रही, जिसे बाद में झाझा से गया–किऊल रेलखंड के रास्ते वापस भेजा गया। इसी प्रकार कई एक्सप्रेस ट्रेनें जमुई एवं मननपुर रेलवे स्टेशन पर खड़ी रहीं, जिन्हें वहीं से दूसरे रेलखंड के रास्ते रवाना किया गया।

बताया जाता है कि रात करीब 11:30 बजे मालगाड़ी के गार्ड ने झाझा स्टेशन प्रबंधक को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही आधे घंटे के भीतर झाझा से दुर्घटना राहत वाहन घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। वहीं देर रात दानापुर से क्रेन भी घटनास्थल के लिए भेजी गई है।

नदी में गिरे आधे से डिब्बे

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, मालगाड़ी के आधे से अधिक डिब्बे रेलवे ट्रैक से उतरकर नदी में गिर गए हैं। पुल के गार्डर को भी नुकसान पहुंचा है। इसे ठीक करने में लगभग 24 घंटे से अधिक समय लग सकता है, जिससे इस रेलखंड पर सोमवार से पहले परिचालन शुरू होना संभव नहीं है।

इस रेलखंड की कई एक्सप्रेस एवं पैसेंजर ट्रेनों के रद होने की संभावना है, जबकि दर्जनों एक्सप्रेस ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित कर चलाया जाएगा। अगले दो दिनों तक इस रेलखंड के यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, झाझा स्टेशन से पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन निर्धारित समय पर जारी रहेगा।

घटना के बाद रेल यात्रियों में मायूसी छा गई। कई यात्रियों ने अपनी यात्रा रद कर दी, जबकि कई यात्री वाहन से किऊल स्टेशन पहुंचकर अन्य ट्रेनों के माध्यम से आगे की यात्रा पर रवाना हुए। इस दौरान कई यात्रियों ने अपने आरक्षण टिकट वापस कर दिए। पूछताछ केंद्र पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी गई।

निराश होकर लौटे यात्री 

वहीं, कई यात्रियों को घटना की जानकारी नहीं होने के कारण वे ट्रेन पकड़ने झाझा स्टेशन पहुंचे, जिन्हें निराश होकर वापस घर लौटना पड़ा। इस रेलखंड पर पहली बार इतनी बड़ी संख्या में मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरकर नीचे गिरे हैं। जिस पुल पर यह हादसा हुआ है, उसका गार्डर हाल ही में आसनसोल डिविजन द्वारा बदला गया था।

झाझा रेल यातायात निरीक्षक रवि गुप्ता ने बताया कि यह इस रेलखंड का अब तक का सबसे बड़ा रेल हादसा है। इस रेलखंड की सभी एक्सप्रेस ट्रेनों को दूसरे रेलखंड से चलाया जा रहा है और ट्रैक को दुरुस्त करने में 24 घंटे से अधिक समय लगेगा।

हाजीपुर जान के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि आसनसोल मंडल (पूर्व रेलवे) के लाहाबन-सिमुलतला स्टेशनों के मध्य किमी 344/05 के पास 27 दिसंबर को 23.25 बजे एक मालगाड़ी के 8 डिब्बे पटरी से उतर गए।

इस कारण इस रेलखंड के अप एवं डाउन दोनों लाइनों पर रेल परिचालन बाधित हो गए हैं । सूचना मिलते हुए आसनसोल, मधुपुर एवं झाझा से एआरटी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए थे एवं परिचालन पुनर्बहाल करने हेतु युद्धस्तर पर कार्य जारी है।