जमुई। अलीगंज प्रखंड के इस्लामनगर पंचायत के मगरोहर गांव जाने वाली कच्ची सड़क को पक्कीकरण के लिए संवेदक द्वारा महीनों पूर्व खोदकर छोड़ दिया गया है। गांव के आगे एक आरसीसी पुल बनाकर मिट्टी नहीं भरने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। लोगों को वाहन से उतरकर पैदल पुल पार करना पड़ रहा है जो जोखिमों से भरा है। कभी भी खतरा हो सकता है।

ग्रामीण मनोज कुमार, जगदीश मांझी, विक्रम कुमार, भूटाली साह, राहुल कुमार, सोनू मांझी ने बताया कि पक्की सड़क बनने की आस जगी थी, लेकिन संवेदक की लापरवाही व मनमानी के कारण कई महीनों से कार्य नहीं किया जा रहा है। रास्ते में एक पुलिया बना दिया गया है और मिट्टी भराई नहीं की गई है। जिससे शादी के मौसम में ग्रामीणों को आवागमन में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। अगर समय रहते काम नहीं कराया गया तो बरसात के मौसम में यह चलने लायक भी नहीं रहेगी। बताया कि संवेदक ने कार्यस्थल पर बोर्ड भी नहीं लगाया है। बताया कि जल्द काम नहीं कराया गया तो आंदोलन करने को बाध्य हो जाएंगे।

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नशाखुरानी का शिकार हुआ रेलयात्री

संवाद सूत्र, गिद्धौर(जमुई): गिद्धौर रेलवे स्टेशन के डाउन प्लेटफार्म पर एक व्यक्ति बेहोशी की हालत में पाया गया। रेल यात्रियों ने उसे होश में लाया। होश में आने के बाद उसने अपना नाम वकील मंडल घर लखीसराय जिला के पीरी बाजार थाना अंतर्गत बरियारपुर गांव बताया। वकील मंडल हावड़ा से किउल आ रहा था। इसी दौरान नशाखुरानी गिरोह के सदस्यों द्वारा उसे नशा खिलाकर मोबाइल, रुपये एवं सारा सामान लूट लिया गया। बेहोशी की हालत में किसी ने उसे गिद्धौर स्टेशन उतार दिया। जहां रेल यात्री एवं नवयुवकों के सहयोग से उसे होश में लाया गया। डाउन प्लेटफार्म पर मौजूद युवकों ने उस व्यक्ति के घर फोन से संपर्क कर घटना की जानकारी दी तो उन लोगों ने सेवा गांव में संबंधी होने की बात बताई। युवकों ने वकील को उसके संबंधी के घर सेवा गांव पहुंचा दिया।

Edited By: Jagran