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    जमुई रेल हादसे में कड़ा एक्शन: आसनसोल DRM विनीता श्रीवास्तव का तबादला, सुधीर कुमार शर्मा को मिली कमान

    By Sanjay Kumar SinghEdited By: Nishant Bharti
    Updated: Fri, 02 Jan 2026 02:06 PM (IST)

    सिमुलतला रेल हादसे के बाद रेलवे बोर्ड ने कड़ा रुख अपनाते हुए आसनसोल मंडल की डीआरएम विनीता श्रीवास्तव का तत्काल तबादला कर दिया है। उनकी जगह सुधीर कुमार ...और पढ़ें

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    जमुई रेल हादसा(फाइल फोटो)

    संवाद सूत्र, सिमुलतला (जमुई)। सिमुलतला के पास हुए भीषण रेल हादसे की गाज अब शीर्ष अधिकारियों पर गिरनी शुरू हो गई है। रेलवे बोर्ड ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल की मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) विनीता श्रीवास्तव का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया है।

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    शुक्रवार, 02 जनवरी 2026 को पूर्वी रेलवे द्वारा जारी कार्यालय आदेश संख्या (जीभीआई/02/2026) के अनुसार, विनीता श्रीवास्तव (एनएफ-एचएजी/आईआरएसएमई) को पश्चिम मध्य रेलवे में स्थानांतरित किया गया है। सुधीर कुमार शर्मा संभालेंगे आसनसोल की कमान

    सुधीर कुमार शर्मा को सौंपी जिम्मेदारी 

    आसनसोल मंडल में परिचालन और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए रेलवे ने तत्काल प्रभाव से सुधीर कुमार शर्मा (सीएमएम/ वैगन/ईआर) को जिम्मेदारी सौंपी है। आदेश के अनुसार, जब तक नियमित डीआरएम की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक सुधीर कुमार शर्मा ही आसनसोल के मंडल रेल प्रबंधक का अतिरिक्त कार्यभार देखेंगे। 

    यह फेरबदल सिमुलतला रेल हादसे के बाद सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर उठे सवालों के बीच बेहद अहम माना जा रहा है। डीआरएम तबादले की पुष्टि सीपीआरओ कोलकाता शिवराम मांझी ने किया है।

    महज पांच महीने ही रहा कार्यकाल

    विनीता श्रीवास्तव का आसनसोल डीआरएम के रूप में कार्यकाल बेहद छोटा रहा। उन्होंने बीते 07 अगस्त 2025 को ही आसनसोल मंडल की कमान संभाली थी। विनीता श्रीवास्तव भारतीय रेल यांत्रिक इंजीनियर सेवा (आईआरएसएमई) की 1994 बैच और एससीआरए (एससीआरए) 1991 की अधिकारी हैं। आसनसोल आने से पहले वह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) में प्रतिनियुक्ति पर थीं।

    जयंत कुमार के नाम के बाद मिला था पद 

    गौरतलब है कि अगस्त 2025 में डीआरएम पद के लिए पहले जयंत कुमार के नाम का पत्र निर्गत हुआ था, लेकिन किन्हीं कारणों से उन्होंने पदभार ग्रहण नहीं किया। इसके बाद विनीता श्रीवास्तव को यह जिम्मेदारी दी गई थी। अब महज पांच महीने के भीतर उनके तबादले को सिमुलतला रेल दुर्घटना की जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है। 

    रेलवे सूत्रों का कहना है कि सिमुलतला हादसे की जांच और सुरक्षा मानकों में ढिलाई को लेकर रेलवे बोर्ड बेहद गंभीर है और यह प्रशासनिक फेरबदल उसी दिशा में उठाया गया पहला बड़ा कदम है।