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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar में एक और BPSC शिक्षक का पकड़ौआ विवाह, प्यार के बाद शादी से किया इनकार तो लड़की वालों ने जबरन कराई शादी

By Ashish Kumar Singh Edited By: Mukul Kumar
Published: Fri, 12 Jan 2024 02:11 PM (IST)

बिहार में एक और पकड़ौआ विवाह का मामला सामने आया है। यह घटना जमुई जिले की है। एक और बीपीएससी ...और पढ़ें

गिद्धौर के पंच मंदिर में परिणय सूत्र में बंधते मुकेश और पूर्णिमा, मंदिर परिसर में लगी ग्रामीणों की भीड़
गिद्धौर के पंच मंदिर में परिणय सूत्र में बंधते मुकेश और पूर्णिमा, मंदिर परिसर में लगी ग्रामीणों की भीड़

HighLights

  1. गिद्धौर के पंच मंदिर में बीपीएससी टीचर की कराई गई पकड़ौआ शादी
  2. तीन वर्षो से प्रेमी- प्रेमिका थे मुकेश और पूर्णिमा

संवाद सूत्र, गिद्धौर (जमुई)। पहले प्यार, फिर तकरार और किया शादी से इंकार। जी हां, अजब प्रेम की गजब कहानी का अंत बुधवार की रात गिद्धौर के ऐतिहासिक पंच शिव मंदिर के प्रांगण में हुआ। लड़की पक्ष वालों ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से महीनों पूर्व से शादी की बात से इनकार कर रहे बीपीएससी (BPSC Teacher) से बहाल टीचर का पकड़ौआ विवाह संपन्न करवा दिया।

इस दौरान इस विवाह को देखने के लिए गिद्धौर बाजार के सैंकड़ो लोगों की भीड़ मंदिर परिसर में जमा हो गई। इसका वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर बड़ी तेजी वायरल है।

बताया जाता है कि जमुई जिले के चकाई प्रखंड के बामदह के वेलदारी गांव निवासी सत्यनारायण वर्मा के पुत्र मुकेश कुमार वर्मा की शादी चकाई प्रखंड अंतर्गत बामदह से ही सटे केंदुआडीह गांव निवासी पूर्णिमा कुमारी उर्फ सपना से हिंदू रीति रिवाज के अनुसार दो वर्ष पूर्व तय हुई थी।

पहले दोनों के बीच घंटों होती थी बात  

दोनों एक दूसरे से बीते वर्ष 2015 से प्रेम भी करते थे। इसके बाद दोनों के घर वालों ने इनकी शादी तय कर दी थी। शादी तय होने के बाद मुकेश और पूर्णिमा दोनों एक दूसरे से घंटो बाते करने लगे थे। दोनों ने एक साथ जीने मरने की कसमें खा ली।

इस दौरान दोनों का चकाई बाजार और देवघर आना जाना सहित भेंट मुलाकात का सिलसिला जारी रहा। इसी बीच मुकेश बीते वर्ष शिक्षक बहाली के लिए बीपीएससी का एक्जाम क्लियर कर शिक्षक के पद पर चयनित हो गया।

वह ट्रेनिंग उपरांत पिछले छह महीने से गिद्धौर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बनझुलिया में सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत था। शिक्षक के पद पर चयनित होते ही मुकेश की चाहत और ख्वाहिशें बदलने लगी। वो पूर्णिमा कुमारी उर्फ सपना को भूल जाना चाहता था, लेकिन पूर्णिमा मुकेश को अपना सब कुछ मान चुकी थी।

वो मुकेश को न तो भूलने को तैयार थी न ही छोड़ने को। पूर्णिमा ने बताया कि शादी लगने के एक वर्ष तक उसके और मुकेश के बीच में सब कुछ ठीक ठाक था। जब से मुकेश बीपीएससी का एग्जाम क्लियर कर शिक्षक के पद चयनित हुआ, तब से इसका रवैया बदल गया।

पिछले पांच महीने से फोन नहीं उठा रहा था मुकेश

पिछले पांच महीनों से फोन नहीं उठा रहा था। इससे घर वाले परेशान होने लगे। इसको लेकर कई बार गांव में भी पंचायत बुलाई गई और मुकेश व उसके स्वजनों को बहुत समझाया गया था। फिर भी मुकेश बात मानने को तैयार नहीं था। वह शादी तोड़ने की जिद पर अड़ा था।

पूर्मिणा ने बताया कि बीते दिसंबर माह में गिद्धौर थाने में मुकेश की शिकायत साक्ष्य सहित की गई थी, लेकिन किसी प्रकार की कोई मदद थाना पुलिस की तरफ से नहीं मिली।

इसके बाद घरवालों की मदद से बुधवार की रात गिद्धौर बाजार के दो नंबर रोड में किराए के मकान पर रह रहे मुकेश को निकला गया और पंच शिव मंदिर में हिंदू रीति रिवाज के अनुसार उससे शादी करा दी गई।

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