गोपालगंज के थावे मंदिर में चोरी के आरोपी का पुलिस ने किया एनकाउंटर, घायल हालत में अस्पताल में भर्ती
गोपालगंज के थावे मंदिर चोरी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 17 दिसंबर को हुई चोरी के दूसरे ...और पढ़ें
जागरण संवाददाता, गोपालगंज। जिले के थावे थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध थावे मंदिर परिसर में 17 दिसंबर को हुई चोरी की घटना में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले में फरार चल रहे दूसरे आरोपी को पुलिस ने शनिवार की सुबह मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई थावे थाना क्षेत्र के जगमलवा गांव के समीप की गई, जहां पुलिस टीम को आरोपी की मौजूदगी की सूचना मिली थी।
गिरफ्तार आरोपित की पहचान पूर्वी चंपारण जिले के राजेपुर थाना क्षेत्र के गोविन्दगंज वार्ड संख्या 12 निवासी इजमामुल आलम के रूप में हुई है। वह हाल के दिनों में भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के रानीसागर गांव में रह रहा था।
उसके गिरोह के सदस्य बिजली के तार चोरी के मामले में चार दिन पहले गिरफ्तार किए गए थे। उन्हीं की निशानदेही पर छापेमारी चल रही थी। पुलिस के बढ़ते दबाव को देखते हुए इजमामुल आलम अपने ननिहाल गोपालगंज में चला गया था, जो कि महम्मदपुर थाना के सदुआकोठी के पास है।
पूर्वी चंपारण के एसपी स्वर्ण प्रभात ने पकड़ीदयाल के एसडीपीओ के नेतृत्व में बिजली तार चोरी के मामले में छापेमारी टीम बनाई थी। सरगना की जानकारी मिलने पर उन्होंने सूचनाओं को गोपालगंज पुलिस के साथ साझा किया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ा।
चोरी का समान बरामद
पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे काबू में कर लिया गया। उसके पास से चोरी किए गए जेवरात के अवशेष भी बरामद किए गए हैं, जो मंदिर चोरी कांड से जुड़े अहम साक्ष्य माने जा रहे हैं।
घायल आरोपी को तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया।
पुलिस की निगरानी में उसका इलाज जारी है। पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित स्वयं सदर अस्पताल पहुंचे और घायल आरोपी से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान चोरी गए आभूषणों के अवशेष बरामद किए जाने की पुष्टि की गई।
पुलिस के अनुसार, इजमामुल आलम यूपी के गाजीपुर जिले के निवासी व पहले से गिरफ्तार आरोपी दीपक राय का शागिर्द बताया जा रहा है।
अब तक मोतिहारी जिले में कोई बड़ा इजमामुल का आपराधिक इतिहास नहीं मिला है। पुलिस उसके गिरोह से संबंधित सभी लोगों का इतिहास खंगाल रही है।
