जागरण संवाददाता, सासाराम : रोहतास। हाल के दशक में खाकी का अर्थ बदल गया है। खाकी वर्दी पहनने वाले सिर्फ सुरक्षा देने का काम ही नहीं कर रहे बल्कि बाल मित्र की भी भूमिका निभा रहे हैं। बीते वर्ष रेलवे सुरक्षा बल ने सुरक्षित व सुखद यात्रा को ले व्यापक स्तर पर अभियान चलाया। यही नहीं समय-समय पर अभियान चला नशाखुरानी गिरोह व अनाधिकृत रूप से रेलवे लाइन पार करने वालों को भी जागरूक किया गया। एक वर्ष के दौरान उनके द्वारा रेस्क्यू कर सात लावारिस बच्चों को बरामद कर चाइल्ड लाइन को सौंपा गया। 

चेन पुलिंग में 170 की हुई गिरफ्तारी 

जहां मन हुआ, चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोक उतरने के मामले में 170 यात्रियों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही रेलवे संपत्ति चोरी के 11 मामले में 27 आरोपितों की गिरफ्तारी कर घटनाओं पर रोक लगाने की कोशिश आरपीएफ द्वारा किया गया। सबसे अधिक शामत रिजर्वेशन टिकट की दलाली करने वालों पर रही। सासाराम, बिक्रमगंज समेत विभिन्न स्थानों रिजर्वेशन व सामान्य यात्रा टिकट की कालाबाजारी करने के आरोप में 18 दलालों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। 

47 कछु़आ को बरामद कर वन विभाग को सौंपा था

यही नहीं इसके अलावा तस्करी के लिए ले जाए जा रहे 47 कछु़आ को बरामद कर उसे वन विभाग को सौंपने तथा छह धंधेबाजों के साथ ढ़ाई लाख रुपये की शराब बरामद कर मद्य निषेध व उत्पाद विभाग को सुपुर्द करने की भी कार्रवाई की गई है। यात्री सामानों की चोरी करने वाले चोर उचक्कों पर विशेष निगरानी रखते हुए कुल पांच चोरों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर करीब 70 हजार मूल्य के सामानों के साथ अग्रिम कार्रवाई वास्ते जीआरपी को सुपुर्द किया गया।

कहते हैं अधिकारी :

आरपीएफ सासाराम से जुड़े सुरक्षा बल सुरक्षा व संरक्षा के साथ-साथ एक मित्र के रूप में भी काम कर रहे हैं। आइजी सर्वप्रिय मयंक व सीनियर कमांडेंट आशीष मिश्रा के निर्देश पर बीते वर्ष आपराधिक घटनाओं के रोकथाम के लिए विशेष रूप से कार्य किया गया। नये वर्ष 2022 में भी आरपीएफ का सुरक्षित यात्रा, सुखद यात्रा अभियान जारी रहेगा।प्रदीप कुमार रावत, प्रभारी निरीक्षक, आरपीएफ सासाराम

Edited By: Prashant Kumar Pandey