एक साल से महिला को हो रहा था पेट दर्द, अल्ट्रासाउंड देख डॉक्टर रह गए दंग; इलाज के दौरान मौत
मोतिहारी में एक महिला की पेट में कैंची मिलने के बाद मौत हो गई, जिससे चिकित्सक पर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि डेढ़ साल पहले डॉ. संगीता कुमार ...और पढ़ें
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प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)
संवाद सहयोगी, मोतिहारी। एक महिला के पेट से ऑपरेटिव सीजर (कैंची) निकलने के बाद शहर की एक महिला चिकित्सक द्वारा किए गए इलाज पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पीड़ित महिला के इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद हड़कंप मचा है। महिला जीतना थानाक्षेत्र निवासी मणि भूषण कुमार की पत्नी उषा देवी थी। महिला के स्वजनों का आरोप है कि मृतक ऊषा का ऑपरेशन तकरीबन डेढ़ साल पहले डॉ. संगीता कुमारी द्वारा किया गया था।
ऑपरेशन के दौरान उसके पेट में कैंची छोड़ दी गई थी। इस कारण बीमारी के बीच महिला की मौत हो गई। इस सिलसिले में महिला के स्वजनों ने नगर थाना में आवेदन भी दिया है।
इधर आरोपित चिकित्सक डॉ. संगीता कुमारी का कहना है कि डेढ़ साल पहले उन्होंने महिला के यूट्रस के जरिए डिलीवरी कराई थी। जबकि कैंची पेट से निकली है। ऐसे में यूट्रस से पेट तक कैंची कैसे जा सकती है।
एक साल पहले से ही शुरू हुआ था दर्द
मृतका के पति के बड़े भाई त्रिलोकीनाथ प्रसाद ने बताया कि वर्ष 2024 में वह तीसरी बार गर्भवती हुई थी। जहां डॉ. संगीता कुमारी के द्वारा यूट्रस का ऑपरेशन कर डिलीवरी कराया गया था। एक साल पहले से उसके पेट में दर्द शुरू हुआ था। तब दो तीन बार अल्ट्रासाउंड भी कराया गया।
इधर तकलीफ ज्यादा बढ़ने पर एक बार फिर अल्ट्रासाउंड करवाने पर संज्ञान में आया कि पेट में कैंची है। तब तत्काल मृतक महिला को शहर के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के लिए भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इस संदर्भ कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। न ही किसी परिजन ने ही इस बारे में कोई शिकायत किया है।
डॉ. रवि भूषण श्रीवास्तव, सिविल सर्जन
घटना को लेकर मृतक महिला के परिजनों द्वारा आवेदन दिया गया है। महिला की मौत के बाद ना तो पोस्टमार्टम कराया गया न कोई अन्य साक्ष्य है। ऐसे में आवेदन के आलोक में फिलहाल छानबीन की जा रही है। प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।
राजीव रंजन, नगर थानाध्यक्ष

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