हेलीकॉप्टर से ‘विराट’ शिवलिंग पर होगी पुष्प वर्षा व जलाभिषेक, 17 जनवरी को होगी स्थापना पूजा
पूर्वी चंपारण के विराट रामायण मंदिर में स्थापित होने वाला 'विराट' शिवलिंग बिहार पहुंच गया है। तमिलनाडु से 2500 किमी की यात्रा कर आया यह 33 फीट ऊंचा, 2 ...और पढ़ें

विराट रामायण मंदिर का निर्माण 20 जून 2023 को शिलान्यास के बाद शुरू हुआ था। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। Ramayan Mandir Motihari: पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया-चकिया क्षेत्र में बन रहे विराट रामायण मंदिर में स्थापित होने वाला ‘विराट’ शिवलिंग अब बिहार की धरती पर पहुंच चुका है। तमिलनाडु के महाबलीपुरम से 21 नवंबर को रवाना हुआ यह शिवलिंग करीब 2500 किलोमीटर की दूरी तय कर 45 दिनों में गोपालगंज जिले की सीमा में पहुंचा है।
एक दिन के विश्राम के बाद पांच जनवरी को शिवलिंग गोपालगंज के बलथरी के लिए रवाना होगा, जहां सुबह 11 बजे भव्य स्वागत की तैयारी पूरी कर ली गई है। बलथरी में प्रवेश द्वार का निर्माण कराया गया है। यहां पूजा-अर्चना, आरती और बैंड-बाजे के साथ शिवलिंग का स्वागत किया जाएगा।
इसके बाद चैनपट्टी सहित विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालु शिवलिंग के दर्शन और पूजन के लिए जुटेंगे। यात्रा मार्ग में जहां-जहां शिवलिंग का वाहन रुकेगा, वहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।
खजुरिया होते हुए केसरिया पहुंचेगा शिवलिंग
श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने बताया कि गोपालगंज से शिवलिंग खजुरिया और हुसैनी होते हुए केसरिया पहुंचेगा। 17 जनवरी को विराट रामायण मंदिर परिसर में शिवलिंग की स्थापना की जाएगी। इस अवसर पर हेलीकॉप्टर से शिवलिंग पर पुष्प वर्षा और जलाभिषेक कराने की योजना है।
शिवलिंग के जलाभिषेक के लिए हरिद्वार, प्रयागराज, गंगोत्री, कैलाश मानसरोवर और सोनपुर से पवित्र जल मंगाया गया है। यह शिवलिंग ‘सहस्त्रलिंगम’ है, जिस पर एक हजार आठ शिवलिंग उकेरे गए हैं। इस कारण इसका जलाभिषेक 1008 शिवलिंगों के जलाभिषेक के बराबर माना जा रहा है।
दस साल में तैयार हुआ 33 फीट ऊंचा शिवलिंग
यह विराट शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम स्थित पट्टीकाडु गांव में एक ही ब्लैक ग्रेनाइट (मोनोलिथ) पत्थर से तैयार किया गया है। इसे बनने में कलाकारों को करीब दस साल का समय लगा। शिवलिंग की ऊंचाई 33 फीट है और वजन लगभग 210 मीट्रिक टन बताया गया है। 21 नवंबर को इसे 96 चक्का वाले विशेष ट्रक से बिहार के लिए रवाना किया गया था।
17 जनवरी को शिवलिंग की पीठ पूजा, हवन के बाद इसे विराट रामायण मंदिर में स्थापित किया जाएगा। प्राण प्रतिष्ठा बाद की तिथि में संपन्न होगी।
विश्व का सबसे बड़ा मंदिर बनने की ओर मंदिर
विराट रामायण मंदिर का निर्माण 20 जून 2023 को शिलान्यास के बाद शुरू हुआ था। यह मंदिर केसरिया और चकिया के बीच जानकीनगर में बन रहा है, जो पटना से लगभग 120 किलोमीटर दूर है। मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद इसे विश्व का सबसे बड़ा मंदिर बताया जा रहा है।
यह परियोजना आचार्य किशोर कुणाल का ड्रीम प्रोजेक्ट है। मंदिर परिसर में चार आश्रमों का निर्माण भी प्रस्तावित है। उम्मीद जताई जा रही है कि मंदिर के पूर्ण होने के बाद देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बिहार आएंगे और राज्य धार्मिक पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर और मजबूती से उभरेगा।

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