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    क्यों राशन की दुकान से कम मिलता अनाज? गोदाम से ही ‘हल्की’ होकर निकल रही 50 किलो की बोरी

    By Aditya Kumar Singh Edited By: Ajit kumar
    Updated: Sun, 04 Jan 2026 03:06 PM (IST)

    Bihar public distribution system: सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गोदामों से डीलरों तक पहुंचने वाले अनाज के बोरों में वजन कम होने की शिकायतें पकड़ीदयाल ...और पढ़ें

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    Short supply in ration shops: सार्वजनिक वितरण प्रणाली के गोदाम से अनाज कम मिलने की शिकायत।  फाइल फोटो

    संवाद सहयोगी, पकड़ीदयाल (पूर्वी चंपारण) । PDS rice bag weight loss: सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत गरीबों तक पहुंचने वाला राशन रास्ते में ही गायब हो रहा है। चौंकाने वाली सच्चाई यह है कि गोदाम से 50 किलो 600 ग्राम वजन की बोरी जब डीलर के पास पहुंचती है, तो उसका वजन घटकर मात्र 43 से 48 किलो के बीच रह जाता है। यानी हर बोरी में 2 से 7 किलो तक अनाज पहले ही कम हो जा रहा है।

    यह गड़बड़ी पकड़ीदयाल, मधुबन और पताही प्रखंड के टीपीडीएस गोदामों से सामने आई है। शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। आशंका है कि गोदाम स्तर पर ही बड़े पैमाने पर अनाज की कटौती की जा रही है, जिसका सीधा नुकसान गरीब उपभोक्ताओं को उठाना पड़ रहा है।

    विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह खेल गोदाम वेंडरों, परिवहन अभिकर्ताओं और कुछ जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से लंबे समय से चल रहा है। नियमानुसार एक बोरी में 50 किलो अनाज के साथ करीब 600 ग्राम खाली बोरे का वजन जोड़ा जाता है, लेकिन व्यवहार में न तो पूरा अनाज दिया जाता है और न ही बोरे के वजन को अलग किया जाता है। नतीजा यह कि डीलर तक पहुंचते-पहुंचते हर बोरी ‘हल्की’ हो जाती है।

    डीलरों का कहना है कि जब वे कम वजन की शिकायत करते हैं, तो उन्हें जांच और कार्रवाई का डर दिखाकर दबाव में लिया जाता है। इससे डीलर मजबूरी में कम अनाज का वितरण करते हैं और अंततः इसका खामियाजा गरीब राशन उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है, जिनका चूल्हा सरकारी राशन पर निर्भर है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक को पकड़ीदयाल अनुमंडल समेत जिले के सभी टीपीडीएस गोदामों का निरीक्षण कराने का निर्देश दिया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि यदि जांच में कम वजन, गड़बड़ी या मिलीभगत की पुष्टि होती है, तो संबंधित डीलर, गोदाम वेंडर, परिवहन एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विधिसंगत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    जिलाधिकारी ने अपने आदेश में यह भी उल्लेख किया है कि पकड़ीदयाल अनुमंडल से लगातार इस तरह की शिकायतें मिल रही हैं, जो निगरानी तंत्र की गंभीर खामी को दर्शाती हैं। जांच रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम के आदेश के बाद गोदाम प्रबंधन और संबंधित कर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है।

    गोदाम से डीलरों को निर्धारित वजन के अनुसार ही अनाज देने का निर्देश है। सभी गोदामों का निरीक्षण कराया जा रहा है। जहां भी अनियमितता मिलेगी, वहां दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

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    मंगला कुमारी, एसडीओ, पकड़ीदयाल

    मामले में गोदाम प्रबंधक और परिवहन अभिकर्ताओं से स्पष्टीकरण मांगा गया है। डीलर को आनलाइन रीसिविंग होती है और पास मशीन से काम होता है। जांच में दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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    निखिल रंजन, जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम