बिहार के राजस्व महाभियान में मिले आवेदनों का क्या हुआ? तीन महीने बाद भी 64,117 अटके
Land Mutation Pending: मोतिहारी में भूमि जमाबंदी सुधार, नामांतरण और बंटवारा नामांतरण के लिए पंचायत स्तर पर शिविरों में जमा किए गए 1.78 लाख से अधिक आवे ...और पढ़ें

Bihar Revenue News: शिविर लगाकर संग्रह किए गए थे आवेदन।
जागरण संवाददाता, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। Revenue Mahabhiyan Bihar: भूमि विवाद और जमाबंदी की उलझनों से निजात दिलाने के लिए जिलेभर में लगाए गए राजस्व महाभियान शिविर आम लोगों के लिए उम्मीद बने थे, लेकिन तीन महीने बाद हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।
हाल यह है कि आवेदनों के निष्पादन की बात तो दूर, बड़ी संख्या में आवेदन अब तक ऑनलाइन भी नहीं हो सके हैं। उत्तराधिकार नामांतरण, बंटवारा नामांतरण और जमाबंदी में सुधार के लिए पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर आवेदन लिए गए थे।
जिलेभर से 1 लाख 78 हजार 667 लोगों ने अपनी जमीन से जुड़ी त्रुटियों को सुधारने के लिए आवेदन किया, लेकिन अब तक सिर्फ 1 लाख 14 हजार 490 आवेदन ही ऑनलाइन हो पाए हैं। शेष 64 हजार 117 आवेदन विभिन्न अंचलों में फाइलों में ही अटके पड़े हैं।
तीन महीने बीत जाने के बाद भी अधिकांश आवेदकों को न तो कोई सूचना मिली है और न ही सुधार की प्रक्रिया शुरू हो सकी है। कई बार बैठकों और निर्देशों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
उत्तराधिकार और बंटवारा नामांतरण में ज्यादा पेंच
भूमि से जुड़ी सबसे गंभीर समस्या उन मामलों में सामने आई है, जहां जमीन अब भी पूर्वजों के नाम पर दर्ज है। मालिक की मृत्यु के बाद भी जमाबंदी का नामांतरण नहीं हो सका। उत्तराधिकार नामांतरण के लिए 8,899 आवेदन प्राप्त हुए, लेकिन इनमें से अब तक सिर्फ 3,387 आवेदन ही ऑनलाइन किए जा सके हैं।
चिंताजनक बात यह है कि आदापुर, बनकटवा, छौड़ादानो, घोड़ासहन, केसरिया, रामगढ़वा और तुरकौलिया जैसे सात प्रखंडों में एक भी आवेदन ऑनलाइन नहीं हो पाया है।

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