हे कुशेश्वरनाथ महादेव, इस नए साल हमें सुखी बनाएं, दरभंगा में 80 भक्तों ने लगाई जोरदार पुकार
कुशेश्वरस्थान के प्रसिद्ध कुशेश्वर नाथ महादेव मंदिर में नववर्ष के पहले दिन 80 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। कड़ाके की ठंड के बावजूद आस्था ...और पढ़ें

मिथिलांचल की प्रसिद्ध तीर्थ नगरी कुशेश्वरस्थान स्थित कुशेश्वर नाथ महादेव मंदिर। जागरण
संवाद सहयोगी, कुशेश्वरस्थान (दरभंगा)। मिथिलांचल की प्रसिद्ध तीर्थ नगरी कुशेश्वरस्थान स्थित कुशेश्वर नाथ महादेव मंदिर में नववर्ष के प्रथम दिन गुरुवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। नववर्ष की शुरुआत भगवान शिव के जलाभिषेक से करने के लिए लगभग 80 हजार से अधिक श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और बाबा कुशेश्वर नाथ पर पवित्र जल अर्पित किया।
तड़के चार बजे प्रधान पंडा के नेतृत्व में सरकारी पूजा संपन्न होने के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए गर्भगृह का पट खोल दिया गया। पट खुलते ही जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर शाम तक निर्बाध रूप से जारी रहा। इस दौरान हर हर महादेव एवं बोल-बम के जयघोष से शिव नगरी गूंजता रहा।
अहले सुबह कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के कारण श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन सुबह नौ बजे के बाद धूप निकलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ में अचानक भारी इजाफा हो गया। महिलाओं की कतार थाना भवन तक, जबकि पुरुषों की कतार आंबेडकर चौक तक पहुंच गई।
श्रद्धालुओं ने शिवगंगा घाट में स्नान कर गजेन्द्र नारायण सिंह धर्मशाला के प्रवेश द्वार से बनाए गए घुमावदार रास्ते से होते हुए महिला-पुरुष अलग-अलग कतार में मंदिर परिसर में प्रवेश किए। चंद्रकूप से पवित्र जल लेकर श्रद्धालु कतारबद्ध होकर मंदिर के मुख्य द्वार तक पहुंचे और बारी-बारी से गर्भगृह में प्रवेश कर जलाभिषेक किया। इसके बाद श्रद्धालु दक्षिणी द्वार से बाहर निकलकर मां पार्वती, भगवान गणेश, भैरवनाथ सहित अन्य देवी-देवताओं के दर्शन कर बाहर आए।
प्रशासन द्वारा की गई बेहतर व्यवस्था और घुमावदार मार्ग के कारण श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना में किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। हालांकि, मां पार्वती और भैरवनाथ सहित अन्य मंदिरों के गेट बंद रहने से श्रद्धालु इन देवताओं की पूजा नहीं कर पाने से मायूस भी दिखे।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंदिर परिसर और गर्भगृह में महिला एवं पुरुष पुलिस बल की तैनाती की गई थी, जिससे इस बार चोर-उचक्कों के मंसूबे नाकाम रहे। न्यास समिति के अध्यक्ष सह एसडीओ शशांक राज, उपाध्यक्ष प्रभाकर तिवारी, पूर्वी बीडीओ प्रेम शंकर मिश्र, सीओ गोपाल पासवान दिन भर विधि-व्यवस्था पर नजर बनाए रहे। वहीं थानाध्यक्ष अंकित चौधरी पूरी मुस्तैदी के साथ सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे थे।
कड़ाके की ठंड पर भारी पड़ी श्रद्धालुओं की आस्था
ठंड भरी पछुआ हवा के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था कड़ाके की ठंड पर भारी पड़ी। अहले सुबह तीन बजे से ही विभिन्न वाहनों से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। बड़े वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओं को सतीघाट स्थित पड़ाव स्थल पर, जबकि टेंपो और बाइक से आने वालों को पाड़ों स्कूल के पास ही रोक दिया गया।
इस तरह पूरब दिशा से आने वाले वाहनों को शशिभूषण हजारी के समाधि स्थल के निकट रोक दिया जा रहा था। जिससे श्रद्धालुओं को मंदिर तक पैदल जाना चुनौतीपूर्ण रहा। इधर, क्षेत्र के तिलकेश्वर, सलमगढ़, आसो, नारायणपुर घाट, सोहरबा, हरिनगर शिव मंदिर सहित अन्य देवी-देवताओं के मंदिरों में भी श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।
दिन भर लोगों ने एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। बच्चों और युवाओं ने बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। कई स्थानों पर पिकनिक का आयोजन कर लोगों ने नववर्ष का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

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