प्रवेश पत्र नहीं मिलने से फूटा आक्रोश, छात्रों ने किया सड़क जाम, निवर्तमान प्रधानाध्यापक निलंबित
मनीगाछी (दरभंगा) में मैट्रिक परीक्षा के प्रवेश पत्र न मिलने से आक्रोशित छात्रों ने सड़क जाम कर दिया। निवर्तमान प्रधानाध्यापक पर 352 छात्रों की परीक्षा ...और पढ़ें

जाम कर रहे लोगों से बात करते पुलिस पदाधिकारी। जागरण
संवाद सहयोगी, मनीगाछी (दरभंगा)। आगामी 10 जनवरी से प्रारंभ होने वाली मैट्रिक की परीक्षा में शामिल होने वाले माध्यमिक विद्यालय राघोपुर ड्योढी के बच्चों ने प्रवेश पत्र निर्गत नहीं मिलने से आक्रोशित होकर सोमवार को सकरी धरौड़ा पीडब्ल्यूडी मुख्य सड़क के बीच नारायणपुर बाजार में बांस बल्ला लगाकर तथा सड़क पर टायर जलाकर यातायात को बाधित कर दिया।
दिन के दो बजे शुरू हुआ सड़क जाम सीओ रविकांत, बीपीआरओ सह बीईओ अशोक कुमार एवं नेहरा थानाध्यक्ष राहुल कुमार द्वारा बार-बार समझाने के बावजूद भी बच्चे सड़क पर डटे रहे। इस बीच जाम स्थल पर कैश वैन सहित इस मुख्य सड़क पर दोनों ओर सैकड़ों गाड़ियां खड़ी रहीं।
सड़क जाम की जानकारी पाकर घटना स्थल पर सीओ रविकांत, बीपीआरओ सह बीईओ अशोक कुमार एवं नेहरा थानाध्यक्ष राहुल कुमार अपने पुलिस बल के साथ पहुंचे। बच्चों की अड़ियल रुख को देखते हुए बीईओ ने स्थानीय पूर्व मुखिया श्रवण कुमार नायक से सहयोग लिया। लगातार आधे घंटे तक मान-मनौवल के बाद जाम हट सका। इस बीच निवर्तमान प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया।
वर्तमान के निलंबन की अनुशंसा की गई है। दरभंगा डीईओ विद्यानंद ठाकुर ने कहा कि बिहार बोर्ड का पोर्टल बंद हो चुका है। इसलिए कठिनाई हो रही है। डीएम से आग्रह करके परीक्षा से पूर्व वंचित छात्रों को डमी प्रवेश पत्र निर्गत कराने का प्रयास किया जा रहा है। किसी की परीक्षा नहीं छूटेगी।
सैकड़ों छात्रों का शुल्क डकार गए एचएम, अब हुई कार्रवाई
दरभंगा : छात्र विद्यालय में पढ़ते हैं। परीक्षा प्रपत्र और शुल्क जमा करते हैं। प्रधानाध्यापक का काम है कि वह समय रहते देखें कि विद्यालय का कोई छात्र छूट तो नहीं गया। अगर कोई वित्तीय कठिनाई है तो सहायता करते हैं। अभिभावक को सूचना देते हैं। लेकिन मनीगाछी के उत्क्रमित उच्च विद्यालय, राघोपुर ड्योढ़ी के निवर्तमान प्रधानाध्यापक अभिषेक कुमार ने 352 छात्र-छात्राओं के मैट्रिक परीक्षा का शुल्क ही डकार लिया।
उनका आनलाइन परीक्षा प्रपत्र तो जमा हुआ लेकिन राशि गायब हो गई। 10 जनवरी से मैट्रिक की प्रायोगिक परीक्षा होनी है। बिहार बोर्ड ने इसके लिए डमी प्रवेश पत्र जारी कर दिया तो राघोपुर के छात्र भी अपना प्रवेश पत्र खोजने लगे। बोर्ड की वेबसाइट पर भी नहीं मिला तो स्कूल से संपर्क साधा। प्रधानाध्यापक शिव नारायण मल्लिक ने भी पहला दिया।
छात्रों की बेचैनी अभिभावकों ने देखी तो विद्यालय में हंगामा मच गया। खबर जागरण ने उठाई तो डीईओ ने संज्ञान लिया। माध्यमिक शिक्षा के डीपीओ स्कूल पहुंचे।
मामले की पड़ताल की तो उपरोक्त वास्तविकता पर आधारित अपने प्रतिवेदन से डीईओ को अवगत कराया। उनकी अनुशंसा पर डीईओ ने तत्काल निवर्तमान प्रधानाध्यापक विशिष्ट शिक्षक अभिषेक कुमार को कार्रवाई अधीन लेते हुए निलंबित कर उनका मुख्यालय तारडीह का बीईओ कार्यालय निर्धारित कर दिया।
इसके अलावा प्रधानाध्यापक शिव नारायण मल्लिक के निलंबन सहित आगे की कार्रवाई के लिए आरडीडीई से अनुशंसा कर दी गई है। लेकिन इतने मात्र से 352 छात्र-छात्राओं का करियर आज भी दांव पर है। वह प्रायोगिक परीक्षा में कैसे शामिल होंगे, इसकी चिंता अभिभावकों को भी सता रही है। इतने बच्चों की परीक्षा छूटी तो पूरा साल बर्बाद हो जाएगा।

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