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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar Online Jamabandi: पेंडिंग ऑनलाइन जमाबंदी को लेकर मंत्री ने जताई नाराजगी, CO को जारी किया नोटिस

Published: Fri, 16 May 2025 08:59 PM (IST)

दरभंगा में राजस्व मंत्री संजय सरावगी ने लंबित भूमि सुधार मामलों की समीक्षा की। बहादुरपुर के सीओ से सबसे ज्यादा ...और पढ़ें

राजस्व व भूमि सुधार विभाग की समीक्षा करते मंत्री संजय सरावगी व अन्य। जागरण
राजस्व व भूमि सुधार विभाग की समीक्षा करते मंत्री संजय सरावगी व अन्य। जागरण

HighLights

  1. सीओ से स्पष्टीकरण, सात दिनों में प्रतिवेदन
  2. लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने का निर्देश
  3. दस प्रतिशत से ज्यादा आवेदन रद नहीं होने चाहिए

जागरण संवाददाता, दरभंगा। राजस्व व भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में समीक्षा हुई। इसमें ऑनलाइन म्यूटेशन, परिमार्जन प्लस, अभियान बसेरा-टू, ई-मापी, एलपीसी, मिसिंग लगान, गवर्नमेंट लैंड म्यूटेशन, आधार सीडिंग, ऑनलाइन लगान पेमेंट, भू-समाधान पोर्टल आदि बिंदुओं पर बारी-बारी से मंत्री ने सभी अंचलाधिकारियों से फीडबैक लिया।

इसके उपरांत अपर समाहर्ता राजस्व, भूमि सुधार उप समाहर्ता सहित सभी अंचलाधिकारी को लंबित मामलों को निराकरण जल्द से जल्द करने का निर्देश दिया। समीक्षा के क्रम में पता चला कि सबसे ज्यादा लंबित आवेदन बहादुरपुर, सदर, हनुमाननगर, कुशेश्वरस्थान पूर्वी, सिंहवाड़ा आदि अंचल में है।

राजस्व व भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने अपर समाहर्ता को अंचलाधिकारी से वापस हुए गए आवेदनों को जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने तीन से चार दिनों के अंदर सभी मामलों का निराकरण कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा।

मंत्री ने जताई नाराजगी

ऑनलाइन जमाबंदी में रिवर्ट बहादुरपुर, सदर, कुशेश्वरस्थान पूर्वी अंचल में 20 दिनों से लंबित आवेदन को लेकर मंत्री ने नाराजगी जताई। इसी प्रकार अभियान बसेरा टू के अंतर्गत बहादुरपुर, सिंहवाड़ा, हनुमाननगर अंचल में बिना कारण के नॉट फीड करने को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई।

सभी आवेदन को जांच कर योग्य लाभुकों को भूमि उपलब्ध कराने का सभी अंचलाधिकारी को निर्देश दिया। मंत्री ने नॉट फीड आवेदन को लेकर जिला स्तर पर टीम गठन कर जांच करने का आदेश दिया। सबसे ज्यादा आवेदन रिजेक्शन को लेकर बहादुरपुर के अंचलाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगते हुए सात दिनों में प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

आवेदक के आवेदन में कोई त्रुटि है तो एक ही बार में सभी त्रुटियों को दिखाने को कहा। समीक्षा क्रम में पता चला कि अंचलाधिकारी के स्तर से विभिन्न प्रकार की त्रुटि बार-बार दिखाई जा रही है। मंत्री ने तीनों डीसीएलआर को प्रत्येक 10 दिनों में सभी अंचलाधिकारी के साथ समीक्षा बैठक करने का निर्देश दिया।

ऑनलाइन ले सकते हैं ई-मापी का प्रतिवेदन

बताया गया कि ई-मापी का प्रतिवेदन ऑनलाइन है, पोर्टल से कोई भी ले सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन कहीं से भी कोई कर सकता है। बैठक में यह भी पता चला कि एक ही मोबाइल नंबर से बार-बार आवेदन किया जा रहा है। इस पर विभाग से जांच कर कार्रवाई करने को कहा। अंचलाधिकारियों को सेम डेट में आदेश और सेम डेट में सुनवाई करने से मना किया। सरकारी भूमि सत्यापन के मामलों में सिंहवाड़ा अंचल में काफी लंबित पाया गया।

बैठक दौरान जमाबंदी पंजी को जल्द से जल्द स्कैन करने का निर्देश दिया गया। मुख्यालय से प्राप्त परिवाद पत्र पर सात दिनों में जवाब भेजने को कहा गया। अंचलाधिकारियों को 31 मई तक सभी डाटा को शत प्रतिशत पूर्ण करने को कहा गया।

स्पष्ट रूप से कहा गया कि दस प्रतिशत से ज्यादा आवेदन रिजेक्शन नहीं होना चाहिए। बैठक में जिलाधिकारी जीव रौशन, प्रशिक्षु समाहर्ता, अपर समाहर्ता राजस्व नीरज कुमार दास, जिला पंचायती राज  पदाधिकारी प्रशांत कुमार, सदर डीसीएलआर संजीत कुमार सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे।

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